ताजा खबरें | समिति ने दिल्ली सरकार से विदेश में पढ़ रहे एससी छात्रों के लिए सहायता बढ़ाने की सिफारिश की

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद की एक समिति ने सुझाव दिया है कि दिल्ली सरकार विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए वित्तीय सहायता पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करे और सहायता अवधि को न्यूनतम पांच वर्ष तक बढ़ाए।

नयी दिल्ली, दो अगस्त संसद की एक समिति ने सुझाव दिया है कि दिल्ली सरकार विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए वित्तीय सहायता पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करे और सहायता अवधि को न्यूनतम पांच वर्ष तक बढ़ाए।

दिल्ली सरकार विदेश में उच्च अध्ययन कर रहे अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए वित्तीय सहायता की योजना के तहत प्रति छात्र पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दो वर्ष के लिए प्रदान करती है।

योजना की शुरुआत 2019-20 में की गयी थी।

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण पर संसद की समिति ने लोकसभा में मंगलवार को प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में कहा कि दिल्ली सरकार की योजना की लाभ उठाने वाले बहुत कम लोग हैं क्योंकि केंद्र सरकार अधिक सहायता राशि के साथ ऐसी ही एक योजना चलाती है।

समिति ने सिफारिश की है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं वंचित वर्गों (एससी:एसटी:ओबीसी) से संबंध रखने वाले छात्रों के लिए ‘‘ दिल्ली के निजी गैर सहायता प्राप्त स्कूलों में प्रवेश स्तर : कक्षा प्रथम : प्राथमिक कक्षा से लेकर कक्षा 12 तक फीस को पूरी तरह से वापस किए जाने’’ के मामले में प्रवेश आरक्षण का विस्तार किया जाए।

रिपोर्ट के अनुसार समिति ने इस बात का भी संज्ञान लिया गया है कि अध्यापकों के पद पर समुचित ढंग से शिक्षित एससी एवं एसटी उम्मीदवारों की कमी है तथा उसने दिल्ली सरकार से अनुरोध किया कि वे कॉलेजों से रिपोर्ट तलब कर उपचारात्मक कदम उठाये और उनके बारे में तीन माह के भीतर बताये।

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