देश की खबरें | समिति ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित एक केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) ने असम सरकार को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व में पशु गलियारों के आसपास अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है।
नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित एक केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) ने असम सरकार को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व में पशु गलियारों के आसपास अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है।
सीईसी ने असम के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा कि की गई कार्रवाई की रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर समिति को सौंपी जानी चाहिए।
सीईसी सदस्य-सचिव अमरनाथ शेट्टी द्वारा छह अक्टूबर को लिखे गए पत्र में कहा गया है, ‘‘मैं डॉ. हेमेन हजारिका, वैज्ञानिक 'डी' कार्यालय प्रमुख, आईआरओ, गुवाहाटी कार्यालय और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, क्षेत्रीय कार्यालय, गुवाहाटी, भारत सरकार से उपरोक्त विषय पर 10 सितंबर, 2021 की तिथि में प्राप्त पत्र की एक प्रति इसके साथ अग्रेषित कर रहा हूं।’’
पत्र में कहा गया है, ‘‘यह अनुरोध किया जाता है कि 12 अप्रैल, 2019 के उच्चतम न्यायालय के आदेश के उल्लंघन में किए गए सभी निर्माणों को हटाने और नौ पशु गलियारों के साथ किसी भी नए निर्माण की अनुमति नहीं देने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। कार्रवाई की गई रिपोर्ट कृपया अगले चार सप्ताह के भीतर सीईसी को भेजी जाए।’’
हजारिका का पत्र वन्यजीव गलियारे का निरीक्षण करने के बाद वन उप महानिरीक्षक (मध्य) के एल जे. सिएमियोनग द्वारा दाखिल एक रिपोर्ट पर आधारित था। रिपोर्ट पर्यावरण कार्यकर्ता रोहित चौधरी की शिकायत के जवाब में सौंपी गई थी, जिन्होंने उच्चतम न्यायालय के आदेश की अवमानना करते हुए पशु गलियारों में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया था।
उच्चतम न्यायालय ने अपने 2019 के आदेश में कहा था, ‘‘निजी भूमि पर किसी भी नए निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी जो नौ पहचाने गए पशु गलियारों का हिस्सा है।’’
उच्चतम न्यायालय ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और असम में कार्बी आंगलोंग पहाड़ियों से निकलने वाली नदियों के जलग्रहण क्षेत्र के साथ सभी खनन गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया था।
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