देश की खबरें | कपड़ों पर अब चढ़ाई जा सकेगी कोटिंग, संक्रमण से मिलेगा छुटकारा
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नयी दिल्ली, छह जुलाई भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली से सहायता प्राप्त एक स्टार्टअप ने एक जीवाणु रोधी समाधान विकसित किया है और इसका उपयोग कपड़ों पर आवरण (कोटिंग) चढ़ाने में किया जा सकता है, जिससे अस्पतालों में कपड़ों के माध्यम से होने वाले संक्रमण से टिकाऊ संरक्षण मिलेगा।
स्टार्टअप मेडिकफाइबर्स ने कपड़ों के लिए ‘विरोक्लॉग’ आवरण विकसित किया है जो रोगाणु को चिपकने से रोकेगा और उनकी अक्षुण्णता को नष्ट करेगा।
स्टार्टअप के मेंटर एवं आईआईटी दिल्ली के सेंटर फॉर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के संकाय सदस्य सचिन कुमार ने कहा, ‘‘लिपिड आधारित मेम्ब्रेन अवरोधकों को नष्ट करने से रोगाणु निष्क्रिय हो जाएंगे, जिससे संक्रमण का संचरण रूक जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस प्रौद्योगिकी का मूल महत्व यह है कि यह जीवन की रक्षा करेगा और अस्पताल के कपड़ों के साथ जीवाणु रोधी प्रौद्योगिकी को जोड़ कर स्वास्थ्य देखभाल पर आने वाले खर्चों में कमी लाएगा। ’’
स्टार्टअप के मेडिकल सलाहकार एवं अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के संकाय सदस्य विक्रम सैनी के मुताबिक, अस्पताल में होने वाला जीवाणु संबंधी संक्रमण ना सिर्फ भारत में बल्कि विश्व में भी एक गंभीर समस्या है।
उन्होंने कहा, ‘‘(कोविड) महामारी के दौरान इस मुद्दे के हल के लिए तात्कालिकता की एक नयी भावना है। इस संदर्भ में अब यह महसूस किया जा रहा कि पोशाक और अन्य वस्त्रों पर न सिर्फ जीवाणु, विषाणु और कवक जैसे सूक्ष्म जीव सटे होते हैं, बल्कि वे इन रोगाणुओं के लिए प्रजनन स्थान भी हो सकते हैं। इसलिए, अस्पताल में चिकित्सा कर्मियों के लिए सुरक्षित पोशाक की फौरी जरूरत है। ’’
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