जरुरी जानकारी | कोल इंडिया ने डंपरों में एलपीजी किट लगाने की प्रक्रिया शूरू की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कोयला मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सरकार के स्वामित्व वाली कोल इंडिया लि. (सीआईएल) ने हाल ही में अपने डंपरों (बड़े ट्रकों) में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी(किट की रेट्रोफिटिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नयी दिल्ली, दो नवंबर कोयला मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सरकार के स्वामित्व वाली कोल इंडिया लि. (सीआईएल) ने हाल ही में अपने डंपरों (बड़े ट्रकों) में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी(किट की रेट्रोफिटिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इन डंपरों का इस्तेमाल कंपनी कोयले के परिवहन के लिए करती है और इस कदम का उद्देश्य सीआईएल का कार्बन ‘फुटप्रिंट’ यानी ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन कम करना है।
रेट्रोफिटिंग का मतलब उत्पादन के बाद किसी मशीन में कोई पुर्जा लगाने से होता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सीओपी-26 के दौरान घोषणा की थी कि भारत 2070 तक अपने शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य तक पहुंच जाएगा। उन्होंने देश की जलवायु कार्ययोजना का खाका पेश करते हुए यह घोषणा की। इसके मद्देनजर सीआईएल का बयान महत्व रखता है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, "कार्बन उत्सर्जन और कम करने के लिए कोयला मंत्रालय के तहत आने वाली कोल इंडिया लिमिटेड ने हाल ही में अपने डंपरों में एलएनजी किट की रेट्रोफिटिंग की प्रक्रिया शुरू की है।"
दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खनन कंपनी सीआईएल सालाना चार लाख किलोलीटर डीजल का इस्तेमाल करती है, जिस पर 3,500 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च आता है।
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