देश की खबरें | मणिपुर की हिंसा के लिए मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह जिम्मेदार: माकपा
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नयी दिल्ली, 27 जुलाई मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को राज्य की जातीय हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने उन पर मेइती समुदाय का पक्ष लेने तथा कुकी आदिवासी अल्पसंख्यकों को ‘‘विदेशी’’ एवं ‘‘अफीम की खेती’’ करने वालों के रूप में पेश करने का आरोप लगाया।
पार्टी के मुखपत्र ‘पीपुल्स डेमोक्रेसी’ के नवीनतम संपादकीय में माकपा ने आरोप लगाया कि सिंह कुकी समुदाय के विरुद्ध खुलेआम बोलते रहे हैं।
संपादकीय में आरोप लगाया गया, ‘‘जातीय हिंसा में बीरेन सिंह का हाथ है जिसे नरेन्द्र मोदी और भाजपा छिपाना चाहते हैं।’’
इसमें कहा गया कि केंद्र सरकार ने यह जानते हुए भी दखल नहीं दिया कि मुख्यमंत्री और राज्य प्रशासन पक्षपातपूर्ण हो गए हैं तथा वे तटस्थ तरीके से काम करने में अक्षम हैं।
संपादकीय में कहा गया, ‘‘कई तरीके से बीरेन सिंह ने उसी तरह बर्ताव किया जिस तरह नरेन्द्र मोदी ने 2002 की हिंसा के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में किया था। मोदी को अच्छी तरह पता है कि मणिपुर के वर्तमान संकट की असली वजह क्या है -- जातीय रूप से विविधता भरे एवं सवंदेनशील राज्य में विभाजनकारी हिंदुत्व राजनीति। मोदी सत्तावादी नेता के रूप में यह मानते ही नहीं कि वह किसी के प्रति जवाबदेह हैं, यहां तक संसद के प्रति भी नहीं।’’
उच्चतम न्यायालय ने 2002 के गुजरात दंगे के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत 64 लोगों को विशेष जांच दल द्वारा दी गई क्लीन चिट को पिछले साल बरकरार रखा था तथा दिवंगत कांग्रेस नेता एहसान जाफरी की पत्नी जकिया जाफरी की अर्जी खारिज कर दी थी।
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