विदेश की खबरें | शोध नौका के आस पास मंडराता रहा चीनी पोत, फिलीपीन के वैज्ञानिकों ने जताई चिंता
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. मनीला, सात अप्रैल (एपी) चीन का एक तटरक्षक पोत पिछले माह फिलीपीन और ताइवान के वैज्ञानिकों की एक शोध नौका के पास कई दिनों तक मंडराता रहा, जिसे लेकर नौका पर सवार वैज्ञानिकों ने चिंता व्यक्त की है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
मनीला, सात अप्रैल (एपी) चीन का एक तटरक्षक पोत पिछले माह फिलीपीन और ताइवान के वैज्ञानिकों की एक शोध नौका के पास कई दिनों तक मंडराता रहा, जिसे लेकर नौका पर सवार वैज्ञानिकों ने चिंता व्यक्त की है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
वैज्ञानिकों का यह पोत समुद्र के भीतर भूकंपीय घटनाओं के बारे में पता लगाने के एक सर्वेक्षण के लिए तैनात किया गया था।
‘आर/वी लेजेंड’ नामक नौका पर फिलीपीन के पांच वैज्ञानिक सवार थे। इलोकोस सुर प्रांत के विगन स्थित ‘मनीला ट्रेंच’ में चीनी पोत की मौजूदगी के बावजूद नौका ने 25 से 30 मार्च के बीच अपना काम जारी रखा।
फिलीपीन के एक वैज्ञानिक ने समाचार एजेंसी ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि चीनी पोत की मौजूदगी से चिंता इसलिए थी क्योंकि शोध नौका समुद्र में सर्वे केबिल डाल रही थी।
यह सर्वेक्षण फिलीपींस विश्वविद्यालय में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ जियोलॉजिकल साइंसेज और ताइवान में नेशनल सेंट्रल विश्वविद्यालय की संयुक्त परियोजना है और इसका उद्देश्य अपतटीय और अन्य भूगर्भिक विशेषताओं वाली प्रक्रियाओं का पता लगाना है जिनसे भविष्य में भूकंप, सुनामी आदि आ सकती है।
महीने भर तक चलने वाले इस शोध कार्यक्रम को आंशिक रूप से फिलीपीन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है और यह 13 अप्रैल को समाप्त होगा।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ जियोलॉजिकल साइंसेज की कार्ला डिमलंता के मुताबिक चीन का पोत कई दिनों तक शोध नौका से करीब तीन से पांच किलोमीटर की दूरी पर मंडराता रहा।
फिलीपीन तट रक्षक बल ने कहा कि उसने शोध नौका पर नजर रखने के लिए सोमवार को बीआरपी कैपोन्स नामक एक गश्ती जहाज को तैनात किया है।
गौरतलब है कि दक्षिणी चीन सागर में प्रवेश करने वाले कई जहाजों और नौकाओं को चीन रेडियो संदेश के जरिए चेतावनी देता रहा है।
चीन, फिलीपीन, वियतनाम, ताइवान, मलेशिया और ब्रुनेई के बीच व्यस्त जलमार्ग मनीला ट्रेंच को लेकर दशकों से क्षेत्रीय गतिरोध बना हुआ है।
इस संबंध में मनीला में चीनी दूतावास ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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