विदेश की खबरें | चीन के राष्ट्रपति शी ने क्षेत्रीय सम्मेलन में अफगानिस्तान का पुरजोर समर्थन किया

बीजिंग, 31 मार्च (एपी) चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बृहस्पतिवार को एक क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान अफगानिस्तान का पुरजोर समर्थन किया, जबकि देश में तालिबान नेताओं द्वारा किये जा रहे मानवाधिकार हनन का कोई जिक्र नहीं किया।

इस बीच, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका से अफगानिस्तान के लोगों की विदेशों में स्थित संपत्तियों पर लगी रोक को हटाने और सरकार पर प्रतिबंधों को समाप्त करने का अनुरोध किया।

चीन के अनहुई प्रांत के टुंक्सी शहर में आयोजित सम्मेलन में शी ने अफगानिस्तान, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधियों को दिये संदेश में पिछले अगस्त में अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में चीन की प्रभावी भूमिका निभाने की आकांक्षा को प्रकट किया।

शी ने कहा, ''अफगानिस्तान के लोग शांतिपूर्ण, स्थिर, विकसित और समृद्ध अफगानिस्तान'' चाहते हैं, जो ''क्षेत्रीय देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ साझा की पूर्ति करे।''

शी ने कहा, ''चीन अफगानिस्तान की संप्रभुता, स्वतंत्रता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है और वह अफगानिस्तान के शांतिपूर्ण व स्थिर विकास का समर्थन करने के लिये प्रतिबद्ध है।''

बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में महिलाओं के अधिकारों और बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने व सभी जातीय समूहों के अधिकारों की रक्षा करने के महत्व पर जोर दिया गया।

बयान में कहा गया है, ''अफगानिस्तान में वर्तमान दुर्दशा के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार देशों से'' आर्थिक सुधार पर अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का भी आग्रह किया।

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सभी पक्षों ने इस बात पर सहमति जतायी कि अमेरिका और नाटो को ''अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण और विकास के लिए प्राथमिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए, और जितनी जल्दी हो सके अफगान लोगों की संपत्ति वापस करनी चाहिए।''

इस बयान में अफगान लोगों की सात अरब डॉलर की संपत्ति का जिक्र किया गया था,जिसपर अमेरिका ने रोक लगा रखी है।

शी ने अफगानिस्तान को भविष्य में दी जाने वाली सहायता का विवरण नहीं दिया लेकिन चीन पहले ही अफगानिस्तान को आपातकालीन सहायता भेज चुका है और वहां तांबे के खनन के विकास पर जोर देना चाहता है।

अफगानिस्तान के लिये चीन, अमेरिका और रूस के विशेष दूतों के साथ वांग ने अलग से बैठक की।

चीन ने हालांकि अभी तालिबान सरकार को मान्यता नहीं दी है, लेकिन वह तालिबान के साथ संबंध कायम करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

पिछले साल अगस्त में तालिबान के सत्ता में आने से पहले चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने 28 जुलाई को चीन के तियानजिन शहर में तालिबान के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल की मेजबानी की थी। वांग ने तालिबान के उक्त समूह को अफगानिस्तान में शांति और पुनर्निर्माण के लिए ''महत्वपूर्ण'' ताकत करार दिया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)