चीन ने तय समय से 10 दिन पहले सतलुज नदी से जुड़े आंकड़े भारत के साथ साझा करना शुरू किया
मानसून के दौरान आंकड़े साझा करने की प्रक्रिया हर साल चलती है और उत्तर भारत में बाढ़ के संबंध में इनसे महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है ।
नयी दिल्ली, 22 मई चीन ने तय समय से करीब 10 दिन पहले ही सतलुज नदी में जल की मात्रा और उसके प्रवाह से जुड़े आंकड़े भारत के साथ साझा करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी ।
मानसून के दौरान आंकड़े साझा करने की प्रक्रिया हर साल चलती है और उत्तर भारत में बाढ़ के संबंध में इनसे महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है ।
दोनों देशों के बीच हुए समझौते के मुताबिक चीन ब्रह्मपुत्र और सतलुज नदी में जल की मात्रा और इसके प्रवाह संबंधी आंकड़े क्रमश: 15 मई और एक जून से अक्टूबर के अंत तक साझा करता है ।
अधिकारियों ने बताया कि सतलुज नदी के संबंध में चीन त्साडा केन्द्र से प्राप्त आंकड़े साझा करता है। इस नदी को चीन में लांगकेन जांगबो के नाम से जाना जाता है।
सिंधु की महत्वपूर्ण सहायक नदी सतलुज का उद्गम तिब्बत में है और यह हिमाचल प्रदेश से भारत में प्रवेश करती है ।
इस साल चीन ने तय समय से करीब 10 दिन पहले 18-19 मई से ही आंकड़े साझा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ है जब भारत की पूर्वी और उत्तरी सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं का हाल में आमना-सामना हुआ है ।
अधिकारियों ने बताया कि हर साल बरसात के मौसम में चीन नदी में जल की मात्रा और उसके प्रवाह से जुड़े आंकड़े साझा करता है ।
भारत के लिए इन आंकड़ों की काफी अहमियत है क्योंकि इसके माध्यम से उत्तर, पूर्वोत्तर के राज्यों में बाढ़ की आशंका आदि का अनुमान लगाया जाता है।
आंकड़े साझा करने से पहले दोनों देश यह देखते हैं कि क्या प्रणाली सही से काम कर रही है।
ब्रह्मपुत्र नदी के लिए आंकड़ा साझा करने का काम 15 मई से शुरू हुआ।
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