देश की खबरें | मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कैबिनेट का विस्तार किया, सात मंत्रियों ने शपथ ली
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

बेंगलुरु, 13 जनवरी कर्नाटक में 17 महीने पुरानी कैबिनेट का बुधवार को विस्तार करते हुए मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने सात नए मंत्रियों को इसमें शामिल किया।

राज्यपाल वजुभाई वाला ने राजभवन में आयोजित एक समारोह में मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी।

नए मंत्रियों में विधायक उमेश कट्टी (हुक्केरी), एस. अंगारा (सुल्लिआ), मुरुगेश निरानी (बिल्गी) और अरविंद लिम्बावली (महादेवपुरा) और एमएलसी आर. शंकर, एम. टी. बी. नागराज और सी. पी. योगेश्वर शामिल हैं।

शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा, उनकी कैबिनेट सहयोगी, भाजपा नेता और पदाधिकारी, पार्टी के महासचिव और कर्नाटक के प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार कतील, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, नए मंत्रियों के परिजन और समर्थक सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

जुलाई 2019 में येदियुरप्पा के फिर से मुख्यमंत्री बनने के बाद यह कैबिनेट का तीसरा विस्तार है। कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन की पूर्ववर्ती सरकार 17 विधायकों के इस्तीफे के बाद गिर गई थी। सभी विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे।

मंत्रियों में पार्टी के कुछ पुराने चेहरों के अलावा कांग्रेस-जद(एस) से आए विधायक एवं विधान पार्षद (एमएलसी) शामिल हैं।

येदियुरप्पा ने वादा निभाते हुए पुरानी सरकार से बगावत करके भाजपा में आए नेताओं में से एमएलसी आर. शंकर और एम. टी. बी. नागराज को मंत्रिमंडल में शामिल किया है। ये दोनों पूर्ववर्ती कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार में भी मंत्री थे।

राज्य में 2019 में राजनीतिक संकट के दौरान कांग्रेस-जद(एस) के बागी विधायकों को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एक अन्य एमएलसी योगेश्वर को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। यह पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में भी मंत्री थे।

आज मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले भाजपा के पुराने चेहरे हैं... कट्टी, अंगारा, निरानी और लिम्बावली।

कट्टी (आठ बार के विधायक), निरानी और लिम्बावली (राज्य भाजपा के उपाध्यक्ष) पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में भी मंत्री थे जबकि अंगारा (छह बार से विधायक) को पहली बार मंत्री पद मिला है।

सुबह मंत्रिमंडल के लिए सात नए नामों की घोषणा करते हुए येदियुरप्पा ने कहा था कि आबकारी मंत्री एच. नागेश को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाएगा। इससे येदियुरप्पा मंत्रिमंडल में एक सीट अब भी खाली है। कर्नाटक मंत्रिमंडल में अधिकतम 34 मंत्री हो सकते हैं।

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