देश की खबरें | मुख्यमंत्री ने दिया तहसील स्तर पर दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने की जरूरत पर जोर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तहसील स्तर पर दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने की जरूरत पर जोर देते हुए बुधवार को इस्कॉन प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सहभागिता से दुग्ध समितियों के गठन में अग्रणी भूमिका निभाने को कहा।
मथुरा (उत्तर प्रदेश), नौ नवंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तहसील स्तर पर दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने की जरूरत पर जोर देते हुए बुधवार को इस्कॉन प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सहभागिता से दुग्ध समितियों के गठन में अग्रणी भूमिका निभाने को कहा।
मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) द्वारा दिल्ली—आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित आझई गांव में भक्तिवेदांत इण्टरनेशनल स्कूल के 65 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे परिसर में श्रीकृष्ण बलराम मंदिर का उद्घाटन एवं दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का लोकार्पण करने के लिए पहुंचे थे।
उन्होंने इस अवसर पर कहा, ‘‘यह पशु मालिकों की आय बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि देशी गायों के दूध से घी, पनीर, मक्खन बनाकर मूल्य संवर्धन के जरिये गाय पालन को एक आकर्षक व्यवसाय बनाया जा सकता है। उन्होंने इस्कॉन प्रशासन को इस क्षेत्र में भी पहल करने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा, "हालांकि राज्य सरकार प्रदेश में नौ लाख गायों की देखभाल कर रही है, लेकिन भक्तिवेदांत गुरुकुल गोशाला में पाई जाने वाली गायों की तरह उनकी नस्ल में सुधार करने की जरूरत है।"
उन्होंने कहा कि दीन दयाल पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय भारतीय गाय की नस्ल में सुधार के लिए प्रयास कर रहा है। इस्कॉन प्रशासन भी इस दिशा में विश्वविद्यालय का दौरा करके गायों की नस्ल में सुधार के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में इसे बढ़ावा दे सकता है।
मुख्यमंत्री ने गोमूत्र और गोबर के बेहतर इस्तेमाल की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि कुछ क्षेत्रों में गायों के मूत्र से सीएनजी तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बदायूं जिले में गोबर और गोमूत्र के समुचित उपयोग के लिए किए गए प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने मथुरा में खारे पानी की समस्या पर विस्तार से चर्चा करते हुए इस समस्या को दूर करने के लिए गोमूत्र के उपयोग का सुझाव दिया।
उन्होंने उर्वरक और रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक खेती का समर्थन करते हुए कहा कि इससे न केवल उपज बढ़ेगी बल्कि रासायनिक खेती के प्रतिकूल प्रभावों को खत्म करने में भी यह सहायक साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भक्ति वेदांत स्वामी प्रभुपाद को भी श्रद्धांजलि दी, जो "संन्यासी" की तरह रहते थे, लेकिन कृष्ण भक्ति आंदोलन के माध्यम से दुनिया भर में 108 मंदिरों की स्थापना की।
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