देश की खबरें | प्रधान न्यायाधीश खन्ना ने सेवानिवृत्त हो रहे न्यायाधीश ऋषिकेश रॉय के कानूनी कौशल की सराहना की
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नयी दिल्ली, 31 जनवरी प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना ने सेवानिवृत्त हो रहे न्यायाधीश ऋषिकेश रॉय की कानूनी सूझबूझ, ज्ञान, तार्किक क्षमता की प्रशंसा की और उन्हें एक ‘‘सम्पूर्ण व्यक्ति’’ बताया।
न्यायाधीश के अंतिम कार्य दिवस पर औपचारिक पीठ का गठन करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि न्यायमूर्ति रॉय के संतुलित दृष्टिकोण और उनके हल्के-फुल्के अंदाज से अदालत में चीजें सहज हो गईं।
भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) ने कहा, ‘‘वह अपने आप में संपूर्ण हैं। उनका हास्य विनोद का अंदाज चीजों को आसान बना देता था। अदालत में या कहीं भी उनका संतुलित दृष्टिकोण असाधारण था। इसके अलावा, उनके धैर्य, शांत व्यवहार का हम सभी पर गहरा प्रभाव था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब आप उनसे बात करते हैं तो आपको महसूस होगा कि आप एक ऐसे व्यक्ति से बात कर रहे हैं जिसके पास ज्ञान का भंडार है। वह कई विषय के जानकार हैं और उनके जैसा व्यक्ति मिलना बहुत मुश्किल है। वह एक असाधारण व्यक्ति हैं और हमें उनकी कमी खलेगी।’’
अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि न्यायमूर्ति रॉय का मानना था कि ‘‘मुस्कुराहट कई चीजों को आसान बना देती है’’।
वेंकटरमणी ने कहा, ‘‘आपका अनूठा आकर्षण था जिसने बार को सार्थक बनाया।’’
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी इसी तरह की भावना दोहराते हुए कहा कि न्यायमूर्ति रॉय के हास्य ने अदालत में तनाव को कम किया।
‘सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन’ के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कानून के प्रति न्यायमूर्ति रॉय के मानवीय दृष्टिकोण की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने असम बाढ़ के दौरान राहत प्रदान करने के लिए पहल की थी।
न्यायमूर्ति रॉय इच्छामृत्यु संबंधी दिशा-निर्देशों, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए समिति और जल्लीकट्टू के आयोजन से संबंधित फैसलों सहित कई महत्वपूर्ण मामलों में संविधान पीठ का हिस्सा रहे।
न्यायमूर्ति रॉय का जन्म एक फरवरी, 1960 को हुआ और उन्होंने 1982 में दिल्ली विश्वविद्यालय के ‘कैंपस लॉ सेंटर’ से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की।
न्यायमूर्ति रॉय ने 23 सितंबर, 2019 को सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। इससे पहले उन्होंने आठ अगस्त, 2018 को केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया था।
न्यायमूर्ति रॉय को 12 अक्टूबर 2006 को गुवाहाटी उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और वह 15 जुलाई 2008 को स्थायी न्यायाधीश बने।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 31, 2025 02:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

