देश की खबरें | चंद्रबाबू नायडू ने जमानत और मामला रद्द किए जाने संबंधी दो याचिकाओं के साथ उच्च न्यायालय का रुख किया

विजयवाड़ा, 12 सितंबर विजयवाड़ा की एक स्थानीय अदालत द्वारा तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू की नजरबंदी की याचिका खारिज किए जाने के बाद तेदेपा नेता की कानूनी टीम ने उच्च न्यायालय में दो याचिकाएं दायर कीं, जिसमें जमानत प्रदान करने और मामला रद्द किए जाने का अनुरोध किया गया है।

इन याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई हो सकती है।

इससे पहले, विजयवाड़ा की एक स्थानीय अदालत ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू जेल में अधिक सुरक्षित रहेंगे, क्योंकि घर में नजरबंद रहने के दौरान उन्हें ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा प्रदान नहीं की जा सकती।

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नायडू को करोड़ों रुपये के कौशल विकास निगम कथित घोटाले से संबंधित मामले में गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल 14 दिन की न्यायिक हिरासत के अंतर्गत राजामहेंद्रवरम केंद्रीय कारागार में बंद हैं।

नायडू का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा के नेतृत्व में वकीलों की एक टीम ने खतरे की आशंका का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री को घर में हिरासत में रखने के लिए सोमवार को एक याचिका दायर की थी।

नायडू को कई साल से ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। एनएसजी के कमांडो हमेशा उनकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं।

नायडू के वकील जयकर मट्टा ने ‘पीटीआई-’ को बताया कि नजरबंदी का अनुरोध खारिज कर दिया गया।

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