देश की खबरें | चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

चित्तूर (आंध्र प्रदेश), पांच अगस्त तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कहा कि वह जानना चाहते हैं कि क्या आंध्र प्रदेश में सिंचाई परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी यदि राज्य सरकार के मंत्री ही इन परियोजनाओं के कथित ठेकेदार हैं।

चंद्रबाबू नायडू ने यह सवाल अविभाजित चित्तूर जिले में सिंचाई परियोजनाओं की खराब स्थिति पर एक प्रस्तुति देने के बाद किया।

तेदेपा प्रमुख ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दावा करते हुए कहा, ‘‘ चूंकि, हमने सिंचाई परियोजनाओं पर 'युद्ध भेरी' का आह्वान किया है, इसलिए सत्तारूढ़ युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसी) ने राज्य में हिंसा सुनिश्चित करने के लिए युद्ध का आह्वान किया है।’’

उन्होंने दावा किया कि अविभाजित चित्तूर जिले की कुल 37 लाख एकड़ भूमि में से केवल 10 लाख एकड़ भूमि पर ही खेती होती है और केवल चार लाख एकड़ भूमि सिंचाई के अधीन है।

नायडू के अनुसार, मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने पिछले चार वर्षों के दौरान कई परियोजनाओं पर रोक लगा दी है।

तेदेपा नेता ने कहा कि वाईएसआरसी सरकार के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं और लोगों के बीच उसको लेकर गुस्सा और विद्रोह की भावना स्पष्ट है।

इस बीच, तेदेपा के वरिष्ठ नेताओं के एक समूह ने राज्यपाल अब्दुल नजीर से मुलाकात की और उन्हें एक पत्र सौंपा। तेदेपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने सत्तारूढ़ वाईएसआरसी के कार्यकर्ताओं को अन्नामय्या जिले के अंगल्लू जंक्शन पर विपक्षी नेता के काफिले पर हथियारों और पत्थरों से हमला करने की अनुमति दी थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि वाईएसआरसी के कार्यकर्ता खनन मंत्री पीरेड्डीरेड्डी रामचंद्र रेड्डी के इशारे पर काम कर रहे थे और दावा किया कि पुलिस इस दौरान मूकदर्शक बनी हुई है।

तेदेपा नेताओं ने राज्यपाल से घटना की निष्पक्ष जांच सहित पुलिस के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की अपील भी की।

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