देश की खबरें | ईरान में फंसे छात्रों और व्यापारियों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार उठा रही आवश्यक कदम: भाजपा नेता
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई के पूर्व अध्यक्ष रविंदर रैना ने सोमवार को कहा कि ईरान में फंसे जम्मू-कश्मीर के छात्रों और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है।
जम्मू, 16 जून भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई के पूर्व अध्यक्ष रविंदर रैना ने सोमवार को कहा कि ईरान में फंसे जम्मू-कश्मीर के छात्रों और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है।
रैना ने कहा कि कई छात्रों और उनके अभिभावकों ने उनसे संपर्क किया है और वह सभी को आश्वस्त करना चाहते हैं कि सरकार उन्हें किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने देगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित देश वापस लाया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ हम ईरान में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा चुके हैं।’’
रैना ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर लगातार ईरान सरकार के संपर्क में हैं और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास भी इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘ईरान से हमारे कई छात्रों और उनके परिजनों ने मुझसे संपर्क किया। मैं छात्रों और व्यापारियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारत सरकार उन्हें किसी भी स्थिति में परेशानी का सामना नहीं करने देगी। वे हमारे बच्चे हैं और हमारे देश के बच्चे हैं।’’
उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है।
रैना ने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री ने कहा है कि यदि जरूरत पड़ी, तो उन्हें देश वापस लाया जाएगा।’’
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को कहा था कि उन्होंने विदेश मंत्री जयशंकर से ईरान में फंसे जम्मू-कश्मीर के छात्रों के बारे में बात की है और उन्हें आश्वासन मिला है कि सभी भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
ईरान में मौजूदा स्थिति को देखते हुए रविवार को भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई थी।
इजरायल ने शुक्रवार को ‘ऑपरेशन राइजिंग लॉयन’ शुरू कर ईरान के परमाणु, मिसाइल और सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे, जिसमें कई सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया था।
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