देश की खबरें | केंद्र ने पंजाब में एनवाई केंद्र के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दीः मुख्यमंत्री कार्यालय
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चंडीगढ़, 10 अगस्त केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) का उत्तर जोन का एक केंद्र पंजाब में स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी।

फिलहाल, पुणे स्थित एनआईवी देश में एक मात्र ऐसा संस्थान है जो आपात स्थितियों के दौरान अच्छी तरह से समन्वित चिकित्सा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया मुहैया कराने में सक्षम है।

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पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर कुछ हफ्ते पहले एनआईवी केंद्र के संबंध में प्रस्ताव दिया था।

उन्होंने इसे मंजूरी मिलने का स्वागत किया है।

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उन्होंने कहा कि विषाणु विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एनआईवी केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा और भारत को वायरस की जल्द से जल्द भविष्यवाणी करने और उसका पता लगाने के लिए तैयार करेगा ताकि रोकथाम के जरूरी कदम उठाए जा सकें।

सिंह ने कहा कि केंद्र को हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ एवं जम्मू-कश्मीर वाले उत्तरी क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए अभी लंबा रास्ता पूरा करना है।

प्रवक्ता ने कहा कि सैद्धांतिक मंजूरी देने का पत्र पंजाब के मुख्य सचिव को मिला है। यह पत्र भारत सरकार के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव एवं भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक प्रोफेसर बलराम भार्गव की ओर से आया है।

उन्होंने आग्रह किया है कि राज्य सरकार लंबे पट्टे पर 25 एकड़ जमीन की पहचान कर ले ताकि जल्द से जल्द आईसीएमआर इस प्रतिष्ठित केंद्र की स्थापना कर सके।

सिंह ने 10 अप्रैल को प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर आग्रह किया था कि वह केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को प्रस्तावित केंद्र स्थापित करने के लिए निर्देश दें।

बीएसएल-3 (बायो सेफ्टी लैब) सुविधा से लैस केंद्र के लिए करीब 400 करोड़ रुपये की जरूरत होगी और बीएसएल-4 के लिए अतिरिक्त 150 करोड़ रुपये की जरूरत होगी, जिसमें भूमि का खर्च शामिल नहीं है, जो पंजाब सरकार मुहैया कराएगी।

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