जरुरी जानकारी | केंद्र ने संयुक्त सचिव, निदेशक स्तर पर 30 और निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की नियुक्ति का फैसला किया
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नयी दिल्ली, पांच फरवरी केंद्र सरकार ने एक बड़े कदम के तहत विभिन्न सरकारी विभागों में संयुक्त सचिव और निदेशक जैसे प्रमुख पदों पर निजी क्षेत्र के 30 और विशेषज्ञों को सीधे नियुक्त करने का फैसला किया है।
कार्मिक मंत्रालय ने जून 2018 में सीधे प्रवेश के माध्यम से दस संयुक्त सचिव स्तर के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इसे नौकरशाही में नई प्रतिभा लाने के लिए मोदी सरकार द्वारा एक महत्वाकांक्षी कदम माना गया।
सीधे प्रवेश का अर्थ है कि निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की सरकारी संगठनों में उच्च पदों पर भर्ती।
आमतौर पर संयुक्त सचिव और निदेशक के पद पर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा ली जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा, और अन्य संगठनों द्वारा आयोजित परीक्षाओं में चुने गए अधिकारियों को नियुक्त किया जाता है।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने विभिन्न सरकारी विभागों में तीन संयक्त सचिव तथा 27 निदेशक स्तर के कुल 30 पदों के लिए प्रतिभाशाली और भारतीय नागरिकों” से आवेदन मांगे हैं।
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपी एंड टी), भारत सरकार से प्राप्त आवश्यकताओं के अनुसार, राष्ट्र निर्माण की दिशा में योगदान करने के इच्छुक प्रतिभाशाली और प्रेरित भारतीय नागरिकों से संविदा के आधार पर सरकार में शामिल होने के लिए आवेदन मांगे हैं।
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