देश की खबरें | घरों में मना योग दिवस, प्रधानमंत्री ने कहा : इस समय दुनिया को योग की सबसे ज्यादा जरूरत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. देश-विदेश में करोड़ों की संख्या में लोगों ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों में योग किया और एक-दूसरे से डिजिटलों मंचों के सहारे जुड़े, सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो साझा किए, साथ ही कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में इस प्राचीन विद्या के महत्व के बारे में भी खुल कर लिखा और कहा।
नयी दिलली, 21 जून देश-विदेश में करोड़ों की संख्या में लोगों ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों में योग किया और एक-दूसरे से डिजिटलों मंचों के सहारे जुड़े, सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो साझा किए, साथ ही कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में इस प्राचीन विद्या के महत्व के बारे में भी खुल कर लिखा और कहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि योग एकता का सूत्र बनकर सामने आया है जिसकी परिधि नस्ल, रंग, लिंग, पंथ और राष्ट्र की सीमा से परे है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आज सुबह अपने करीब 15 मिनट लंबे संबोधन में कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण दुनिया को वर्तमान में योग की सबसे ज्यादा आवश्यकता महसूस हो रही है और भारत की यह प्राचीन विद्या दुनिया भर में लाखों मरीजों को कोविड-19 को हराने में मदद कर रही है।
पिछले पांच साल की तरह इस बार कोई बड़ा सामूहिक आयोजन भले ही ना हुआ हो, लेकिन लोगों ने अपने-अपने घरों में योग और प्राणायम किए, कुछ जगहों पर लोग छोटे-छोटे समूहों में दो गज की दूरी और अन्य नियमों का पालन करते हुए पार्क में भी योग करते नजर आए।
कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल के योग दिवस का थीम था ‘घर में योग, परिवार के साथ योग।’’
जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी तमाम हस्तियों ने अपनी योग करती तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए और साथ ही जीवन में तनाव और कोरोना वायरस से लड़ने में योग के महत्व के बारे में भी लिखा और कहा।
लेकिन इस योग दिवस पर संभवत: सबसे सुन्दर तस्वीरें हिमाचल की ऊंचाईयों से आयी हैं जहां भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के जवान लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम सहित कई जगहों पर शून्य से भी कम तापमान में योग करते नजर आ रहे हैं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि तनाव के इस दौर में और खास तौर पर कोरोना वायरस महामारी के दौरान योग से तन और मन स्वस्थ रहता है ।
दुनिया भर में भारतीय दूतावासों और अन्य मिशनों ने इस अवसर पर वर्चुअल कार्यक्रमों का आयोजन किया क्योंकि कोविड-19 के कारण सभी जगह लोगों के एकत्र होने की मनाही है।
अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, तुर्की, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल और अन्य कई देशों में लोग टीशर्ट-पैंट पहने, कई जगहों पर मास्क लगाए योग करते नजर आए।
वाशिंगटन में भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने दूतावास के अधिकारियों और हॉलीवुड स्टार्स सहित अन्य प्रतिष्ठित लोगों के साथ ऑनलाइन जुड़कर योग किया।
संधू ने कहा, ‘‘मौजूदा हालात के कारण हम बड़ी संख्या में योग करने वालों के साथ मिलकर यह आयोजन नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन तकनीक के कारण हम अमेरिका में हजारों लोगों से ऑनलाइन जुड़े हुए हैं।’’
बीजिंग में योग दिवस का उत्साह कोरोना वायरस और वास्तविक नियंत्रण रेखा और चीन-भारत की सेनाओं के बीच जारी गतिरोध के कारण कुछ फीका-फीका रहा।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के बाद से ही चीन आज के दिन कई कार्यक्रमों का आयोजन करता है, वहां योग पहले से भी लोकप्रिय है।
इस वर्ष मुख्य कार्यक्रम का आयोजन ‘इंडिया हाउस’ में हुआ जिसमें भारतीय और विदेशी राजनयिकों ने अपने परिवार के साथ हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा यह विचार रखे जाने के कुछ महीने बाद ही संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर, 2014 को हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की।
तमाम राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्रियों अन्य हस्तियों ने भी आज अपने-अपने आवास पर योग किया और लोगों के साथ उसकी तस्वीरें तथा वीडियो साझा किए।
गौरतलब है कि आयुष मंत्रालय ने इस वर्ष योग दिवस के अवसर पर लेह में बड़ा समारोह करने की योजना बनायी थी, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण उसे रद्द करना पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एकता का दिन है और हमें वसुधैव कुटुंबकम की सीख देता है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह दिन एकता और मानवता का है। कौन हमें साथ लाता है, जोड़ता है, योग। दूरियों को कौन कम करता है, योग।’’
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