देश की खबरें | सीबीआई ने एनएफआर के वरिष्ठ सेक्शन अभियंता के खिलाफ रिश्वतखोरी का नया मामला दर्ज किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के वरिष्ठ सेक्शन अभियंता संतोष कुमार के खिलाफ कथित तौर पर 75 लाख रुपये की रिश्वत लेने का नया मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, सात अगस्त केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के वरिष्ठ सेक्शन अभियंता संतोष कुमार के खिलाफ कथित तौर पर 75 लाख रुपये की रिश्वत लेने का नया मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी ने अभियंता को फरवरी में दो करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि पटरी, पुल, सुरंग और स्टेशन सहित रेलवे के बुनियादी ढांचों के निर्माण एवं रखरखाव करने वाली ठेकेदार कंपनी भरतिया इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (बीआईपीएल) को वर्ष 2010 से 2023 के बीच पूर्वोत्तर क्षेत्र में 106 ठेके आवंटित किए गए।
सीबीआई ने कहा कि सिलचर में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के उप मुख्य अभियंता (निर्माण द्वितीय) के कार्यालय में तैनात कुमार बीआईपीएल के कार्यों का निरक्षण करते थे।
उन्होंने बताया कि कुमार के खिलाफ रिश्वत के मामले की जांच के दौरान एजेंसी ने बीआईपीएल के खाते से आरोपी के परिजनों के खातों में 75 लाख रुपये भेजे जाने का पता लगाया है।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि कुमार ने वर्ष 2019 से 2022 के बीच अनुबंध से जुड़े बिल को सुचारू रूप से स्वीकृति देने के लिए अपने पिता अंबिका सॉ और पत्नी पुष्पा कुमारी के खातों में 'अनुचित लाभ' के रूप में राशि प्राप्त की। बीआईपीएल ने यह राशि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक में मौजूद अपने खातों से स्थानांतरित की।
सीबीआई ने इस संबंध में कुमार के साथ सॉ, अंबिका और बीआईपीएल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
जांच एजेंसी ने बताया कि कुमार वर्ष 2009 में सिलचर में कनिष्ठ अभियंता के तौर पर रेलवे से जुड़े थे। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें वर्ष 2019 में वरिष्ठ सेक्शन अभियंता बना दिया गया और उनकी तैनाती उप प्रमुख अभियंता निर्माण कार्यालय में कर दी गई। फरवरी में गिरफ्तारी तक कुमार इसी कार्यालय में तैनात थे।
सीबीआई ने फरवरी में कुमार को कथित तौर पर दो करोड़ रुपये की रिश्वत का एक हिस्सा (आठ लाख रुपये) लेते हुए गिरफ्तार किया था। मामले में 19 जगहों पर छापेमारी के बाद कुमार के वरिष्ठ, उप मुख्य अभियंता रामपाल को भी गिरफ्तार किया गया था।
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