जरुरी जानकारी | कैग मूर्ति, 16वें वित्त आयोग के चेयरमैन पनगढ़िया ने सार्वजनिक वित्त पर किया विचार-विमर्श
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के संजय मूर्ति ने बुधवार को 16वें वित्त आयोग के चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया के साथ सार्वजनिक वित्त के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। इसमें अप्रयुक्त राजस्व स्रोत, जीएसटी प्रशासन और सभी स्तरों पर लेखांकन गतिविधियों का मानकीकरण शामिल हैं।
भोपाल, पांच मार्च भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के संजय मूर्ति ने बुधवार को 16वें वित्त आयोग के चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया के साथ सार्वजनिक वित्त के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। इसमें अप्रयुक्त राजस्व स्रोत, जीएसटी प्रशासन और सभी स्तरों पर लेखांकन गतिविधियों का मानकीकरण शामिल हैं।
कैग कार्यालय ने एक बयान में कहा कि उच्चस्तरीय परामर्श, केंद्र और राज्यों के वित्तीय परिदृश्य को लेकर आयोग के चल रहे मूल्यांकन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विचार-विमर्श मुख्य रूप से तीन प्रमुख क्षेत्रों... संघ और राज्य वित्त, स्थानीय निकाय और सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम...पर केंद्रित था।
संघ, राज्य, स्थानीय निकाय और सार्वजनिक उपक्रम कैग के ऑडिट के अधीन हैं। इसके अलावा कैग राज्यों के खातों को भी देखता है।
कैग ने विभिन्न क्षेत्रों में संघ और राज्यों के लिए विभिन्न ऑडिट निष्कर्षों, राजकोषीय चुनौतियों और दबाव बिंदुओं को साझा किया। इसमें संघ और राज्यों के लिए व्यय और गैर-ऋण प्राप्तियों के बीच अंतर भी शामिल है।
चिंता के प्रमुख क्षेत्रों में राज्यों के स्वयं के कर राजस्व (एसओटीआर) में उछाल में गिरावट और राज्यों के एसओटीआर और गैर-कर राजस्व के अलग-अलग स्तर शामिल हैं।
बयान में कहा गया, ‘‘कैग ने बजट से इतर उधार की नियमित रिपोर्टिंग, एफआरबीएम (राजकोषीय जवाबदेही और बजट प्रबंधन) लक्ष्यों को पूरा करने और कैग द्वारा अपनी रिपोर्ट में गणना की गई ऑडिट बाद की देनदारियों को ध्यान में रखने की आवश्यकता बतायी।’’
कैग ने स्टाम्प शुल्क, पंजीकरण शुल्क और राज्य उत्पाद शुल्क संग्रह जैसे अप्रयुक्त राजस्व स्रोतों पर भी गौर किया।
कैग कार्यालय ने कहा कि इस संबंध में सिफारिशों में बाजार मूल्य दिशानिर्देशों के नियमित अद्यतन, संपत्ति प्रकारों के बेहतर वर्गीकरण और आधुनिक प्रौद्योगिकी... जैसे सेंसर-आधारित सिस्टम और क्यूआर कोड... को अपनाना शामिल है ताकि राजस्व रिसाव को कम किया जा सके और आंकड़े को सटीक बनाया जा सके।
माल एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रशासन के क्षेत्र में, कैग ने स्वचालित डेटा संग्रह और वास्तविक समय पर सूचना प्रणालियों के माध्यम से अपंजीकृत वस्तुओं और सेवा प्रदाताओं को जीएसटी ढांचे में एकीकरण जैसे सुधारों का प्रस्ताव दिया।
बयान में कहा गया, ‘‘इन कदमों से न केवल कर संग्रह प्रक्रिया के सुव्यवस्थित होने की संभावना है बल्कि अंतर-राज्य कर प्रवाह का अधिक सटीक विभाजन सुनिश्चित होने की भी उम्मीद है।’’
इसके अलावा, कैग ने तुलनीय राजकोषीय जानकारी की पारदर्शी और तैयार उपलब्धता के लिए सरकार के सभी स्तरों पर लेखांकन गतिविधियों को मानकीकृत करने की आवश्यकता बतायी।
स्थानीय निकायों के वित्तीय प्रबंधन पर भी चर्चा हुई।
कैग कार्यालय ने कहा कि 16वें वित्त आयोग के साथ बातचीत ने राजकोषीय पारदर्शिता को मजबूत करने, राजस्व प्रदर्शन को बढ़ाने और सरकार के सभी स्तरों पर मजबूत वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत खाका प्रदान किया।
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