देश की खबरें | मंत्रिमंडल ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को मंजूरी दी
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नयी दिल्ली, 26 फरवरी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी । इस मिशन के लिये पांच वर्षों के लिये 1,600 करोड़ रूपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई ।
सरकारी बयान के अनुसार, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से टेलीमेडिसिन जैसी तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करके और स्वास्थ्य सेवाओं के राष्ट्रीय स्तर पर विकल्प चयन करके गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक समान एवं सुगम पहुंच को सुदृढ़ बनाया जा सकेगा ।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए), आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) की कार्यान्वयन एजेंसी होगी।
इसमें कहा गया है कि इसके तहत देश के लोग अपनी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता संख्या सृजित कर सकेंगे जिससे डिजिटल स्वास्थ्य रिकार्ड को जोड़ा जा सकेगा । यह विभिन्न स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में व्यक्तियों के लिए विस्तृत स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाने में सक्षम होगा और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं द्वारा नैदानिक निर्णय लेने को बेहतर बनाएगा।
बयान के अनुसार, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रायोगिक परियोजना छह केंद्र शासित राज्यों लद्दाख, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली, दमन दीव, पुदुचेरी, अंडमान निकोबार द्वीपसमूह तथा लक्षद्वीप में पूरा किया गया था। प्रायोगिक परियोजना के दौरान, डिजिटल सैंडबॉक्स बनाया गया था जिसमें 774 से अधिक भागीदार समाधान एकीकरण की प्रक्रिया में हैं।
इसमें कहा गया है कि 24 फरवरी 2022 तक, 17,33,69,087 आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते बनाए गए हैं और एबीडीएम में 10,114 डॉक्टरों और 17,319 स्वास्थ्य सुविधाओं को पंजीकृत किया गया है।
सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य इकोसिस्टम में डिजिटल स्वास्थ्य समाधान पिछले कुछ वर्षों में अत्यधिक लाभकारी सिद्ध हुए हैं तथा को-विन, आरोग्य सेतु और ई-संजीवनी ने यह दिखाया है कि स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को सक्षम करने में प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। हालांकि, देखभाल की निरंतरता और संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए ऐसे समाधानों को एकीकृत करने की आवश्यकता है।
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