नयी दिल्ली, 12 मार्च भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में ‘‘बांग्लादेशी घुसपैठियों’’ की संख्या में बढ़ोतरी का मुद्दा बुधवार को लोकसभा में उठाया और कहा कि अगला परिसीमन इन्हें अलग करके होना चाहिए क्योंकि इनके कारण आदिवासियों की सीटें जा रही हैं।
उन्होंने सदन में शून्यकाल के दौरान यह विषय उठाते हुए सरकार से यह आग्रह भी किया कि इस समस्या के समाधान के लिए संथाल परगना को अलग राज्य बनाना चाहिए।
दुबे ने कहा कि यदि जरूरत हो तो झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने पर भी विचार किया जाए।
लोकसभा में अक्सर यह मुद्दा उठाने वाले दुबे ने कहा कि यह मुद्दा ‘‘हिंदू-मुसलमान का नहीं है’’।
उनका कहना था, ‘‘1951 से 2011 के बीच पूरे देश में मुस्लिम आबादी चार प्रतिशत बढ़ी, लेकिन संथाल परगना में 15 प्रतिशत बढ़ी...यह बांग्लादेशी घुसपैठियों के कारण हुआ है।’’
उनके मुताबिक, 1951 में संथाल परगना में आदिवासियों की आबादी 45 प्रतिशत थी जो 2011 में घटकर सिर्फ 28 प्रतिशत रह गई, जबकि इसी अवधि में मुसलमानों की आबादी नौ प्रतिशत से बढ़कर 24 प्रतिशत हो गई।
दुबे ने कहा, ‘‘मेरा आग्रह है कि परिसीमन बांग्लादेशियों को अलग करके ही किया जाए।’’
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘इस पूरे इलाके को एक प्रदेश बना सकते हैं तो बनाइए।’’
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