देश की खबरें | उपचुनाव: भाजपा ने 59 सीटों में से 40 से अधिक सीटों पर बनाई बढ़त
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

भोपाल/लखनऊ/अहमदाबाद, 10 नवंबर भाजपा ने 11 राज्यों की 59 विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में 40 से अधिक सीटों पर जीत या बढ़त बना रखी है। चुनाव आयोग के मुताबिक मध्य प्रदेश की जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हुए थे उनमें से भाजपा ने पांच सीटों पर जीत हासिल कर ली है और 14 सीटों पर वह बढ़त बनाये हुए है।

उत्तर प्रदेश की सात विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी पांच सीटों पर आगे चल रही है।

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अधिकारियों ने बताया कि इन सीटों पर तीन नवंबर को मतदान हुआ था और मंगलवार सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना शुरू हुई।

उन्होंने बताया कि मतगणना स्थल पर लोगों की संख्या सीमित की गई है और कड़ाई से सामाजिक दूरी का अनुपालन कराया जा रहा है।

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मणिपुर की पांच सीटों, हरियाणा-तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की एक-एक सीट, झारखंड-कर्नाटक-नगालैंड और ओडिशा की दो-दो सीटों पर संपन्न उपचुनाव के लिए भी मतगणना हुई।

मध्यप्रदेश

इस चुनावी जंग में पार्टियों का बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ है, खासतौर पर मध्य प्रदेश में जहां शिवराज सिंह चौहान नीत भाजपा सरकार का अस्तित्व इन नतीजों पर निर्भर करेगा।

राज्य में 28 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव कराया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार भाजपा ने पांच सीटों पर जीत दर्ज कर ली है और 14 सीटों बढ़त बनाये हुए है। कांग्रेस ने एक सीट जीत ली है और सात पर आगे चल रही है जबकि बसपा एक सीट पर आगे चल रही है।

राज्य में पहली बार एक साथ इतनी सीटों पर उपचुनाव हुआ है। इस उप चुनाव के बाद विधानसभा सदस्यों की प्रभावी संख्या 229 हो जाएगी जबकि भाजपा के इस समय 107 विधायक हैं और उसे अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कम से कम आठ सीटों पर जीत दर्ज करनी है।

अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए यह अहम चुनाव है क्योंकि उनके पाला बदलने से कमलनाथ नीत कांग्रेस सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी।

गुजरात

गुजरात में आठ विधानसभा सीटों के लिये हुए उपचुनाव में भाजपा ने तीन सीटों पर जीत दर्ज कर ली है जबकि पांच सीटों पर आगे चल रही है जबकि कांग्रेस पिछड़ती नजर आ रही है।

गुजरात विधानसभा की आठ सीटों -अबडासा (कच्छ), लिंबडी (सुरेंद्रनगर), मोरबी (मोरबी जिला), धारी (अमरेली), गढ़दा (बोटाद), करजन (वडोदरा), डांग (डांग जिला) और कपराडा (वलसाड)-के लिए तीन नवंबर को हुए उपचुनाव में 60.75 प्रतिशत मतदान हुआ था।

राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा कि इन उपचुनावों में भाजपा का प्रदर्शन स्थानीय निकायों के आगामी चुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव के पहले का एक ‘‘ट्रेलर’’ है।

रूपाणी ने कहा कि मतदाताओं ने कांग्रेस के ‘‘नकारात्मक प्रचार और गतिविधियों’’ को खारिज कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज चाहे बिहार हो, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश या गुजरात, भाजपा पूरे देश में विजेता बनकर उभरी है। यह नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा किए गए काम तथा भाजपा को लोगों के समर्थन का परिणाम है।’’

उत्तर प्रदेश

राज्य विधानसभा की सात सीटों के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा पांच पर जबकि समाजवादी पार्टी दो सीट पर आगे है।

नौगांव सादात, टूंडला, बांगरमउ, बुलंदशहर, देवरिया, घाटमपुर और मल्हनी विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के लिए कुल 88 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें से मल्हनी को छोड़ बाकी सीटों पर भाजपा का कब्जा था। मल्हनी पर समाजवादी पार्टी जीती थी।

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को भाजपा पर ‘‘धांधली’’ में शामिल होने का आरोप लगाया था।

मणिपुर

चुनाव आयोग के मुताबिक मणिपुर में भाजपा ने तीन सीटों पर जीत दर्ज कर ली है जबकि एक अन्य पर आगे चल रही है। राज्य की चार सीटों पर विधायकों के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने की वजह से उपचुनाव अनिवार्य हो गया था।

कर्नाटक

सत्तारूढ़ भाजपा ने कर्नाटक की दोनों विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर ली है।

भाजपा ने तुमकुरु जिले की सिरा विधानसभा सीट पर पहली बार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। इस सीट पर हुए उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार सी एम राजेश गौड़ा ने कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी टी बी जयचंद्र को 12,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया।

जद (एस) के विधायक बी सत्यनारायण का अगस्त में निधन होने के बाद सिरा में तीन नवम्बर को उपचुनाव कराया गया था।

आर आर नगर सीट पर भाजपा के एन मुनिरत्न को जीत मिली है। उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार कुसुमा को हराया।

मुनिरत्न ने 2018 में कांग्रेस के टिकट पर इस सीट से जीत हासिल की थी। बाद में उन्हें अयोग्य करार दिए जाने पर इस सीट पर उपचुनाव की जरूरत पड़ी थी। पिछले साल वह भाजपा में शामिल हो गए थे।

झारखंड

झारखंड में दो सीटों के लिए हुए उपचुनाव में सत्ताधारी गठबंधन ने बेरमो तथा दुमका दोनों ही विधानसभा सीटें बरकरार रखने में सफलता पायी है और जहां बेरमो में कांग्रेस के अनूप सिंह ने भाजपा के योगेश्वर महतो को चौदह हजार से अधिक मतों से पराजित किया, वहीं दुमका में मुख्यमंत्री के छोटे भाई बसंत सोरेन ने ग्यारहवें चरण तक लगातार पिछड़ने के बाद भाजपा की लुइस मरांडी को लगभग साढ़े छह हजार मतों से पराजित किया।

राज्य के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी हीरालाल मंडल ने परिणाम की पुष्टि करते हुए बताया कि मतों का पूरा विवरण आधिकारिक तौर पर आने में कुछ वक्त लगेगा लेकिन दोनों सीटों के परिणाम आ गये हैं।

ओडिशा

ओडिशा में बालासोर और तीर्तोल विधानसभा सीटों पर राज्य में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के उम्मीदवार भाजपा के अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रहे हैं।

हरियाणा

हरियाणा की बरोदा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार इंदु राज नरवाल ने मंगलवार को जीत हासिल की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और भाजपा उम्मीदवार योगेश्वर दत्त को दस हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

विपक्षी कांग्रेस ने बरोदा सीट को बरकरार रखा।

हरियाणा कांग्रेस प्रमुख कुमारी सैलजा ने कहा कि बरोदा के लोगों ने ‘‘किसान विरोधी’’ और ‘‘श्रमिक विरोधी ताकतों’’ को ‘‘करारा जवाब’’ दिया है।

सैलजा ने ट्वीट किया, ‘‘इंदु राज नरवाल की जीत किसानों और श्रमिकों की जीत है। मैं बरोदा के निवासियों को विश्वास दिलाती हूं कि कांग्रेस उनकी उम्मीदों पर खरा उतरेगी।’’

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की मरवाही विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए हो रही मतगणना में सत्ताधारी दल कांग्रेस आगे है। यह सीट जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन से खाली हुई थी।

तेलंगाना

तेलंगाना की दुब्बाक सीट से भाजपा आगे है। इस सीट पर सत्तारूढ़ टीआरएस और विपक्षी कांग्रेस व भाजपा का त्रिकोणीय मुकाबला है।

नगालैंड

नगालैंड की दो सीटों पर हुए उपचुनाव की मतगणना में कोहिमा जिले की दक्षिणी अंगामी-1 सीट पर राज्य में सत्तारूढ़ नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) ने जीत दर्ज कर ली है, जबकि पुंगरो किफिरे सीट पर एक निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।

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