विदेश की खबरें | आईसीसी के मुख्य अभियोजक के खिलाफ ट्रंप के प्रतिबंधों के कारण कामकाज में अड़चन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ट्रंप द्वारा आईसीसी के मुख्य अभियोजक करीम खान पर फरवरी में लगाए गए प्रतिबंधों के बाद आईसीसी के कर्मचारियों के सामने इस तरह की अड़चनें आ रही हैं। आईसीसी के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों, अंतरराष्ट्रीय वकीलों और मानवाधिकार अधिवक्ताओं के साथ साक्षात्कारों में ये बातें सामने आईं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

ट्रंप द्वारा आईसीसी के मुख्य अभियोजक करीम खान पर फरवरी में लगाए गए प्रतिबंधों के बाद आईसीसी के कर्मचारियों के सामने इस तरह की अड़चनें आ रही हैं। आईसीसी के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों, अंतरराष्ट्रीय वकीलों और मानवाधिकार अधिवक्ताओं के साथ साक्षात्कारों में ये बातें सामने आईं।

हेग स्थित न्यायालय के अमेरिकी कर्मचारियों को कहा गया है कि अगर वे अमेरिका की यात्रा करते हैं तो उनकी गिरफ्तारी का खतरा है।

कुछ गैर-सरकारी संगठनों ने आईसीसी के साथ काम करना बंद कर दिया है।

‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ की अंतरराष्ट्रीय न्याय निदेशक लिज ईवनसन ने कहा, ‘‘ये प्रतिबंध पीड़ितों को न्याय पाने से रोकेंगे।’’

अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के न्यायाधीशों के एक पैनल ने नवंबर में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे, जिसके बाद ट्रंप ने पाबंदी लगाई थीं।

न्यायाधीशों का मानना था कि उक्त दोनों ने गाजा में हमास के खिलाफ इजराइल के अभियान के दौरान मानवीय सहायता रोककर और जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाकर युद्ध अपराध किए। इजराइल के अधिकारी इस तरह के आरोपों को खारिज करते हैं।

आईसीसी के कर्मचारियों और सहयोगियों ने कहा कि प्रतिबंधों की वजह से उसके लिए बुनियादी कामकाज करना भी मुश्किल होता जा रहा है, युद्ध अपराध या नरसंहार के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करना तो दूर की बात है।

आईसीसी के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। आईसीसी के पीठासीन न्यायाधीश तोमोको अकाने ने फरवरी में कहा था कि ये प्रतिबंध अदालत के पक्षों, कानून आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और लाखों पीड़ितों के खिलाफ गंभीर हमलों की तरह हैं।

फरवरी के आदेश में खान और आईसीसी के 900 कर्मचारियों में से अन्य गैर-अमेरिकी लोगों को अमेरिका में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया गया। इसमें किसी भी व्यक्ति, संस्था या कंपनी को खान को ‘वित्तीय, भौतिक या तकनीकी सहायता’ प्रदान करने पर जुर्माना और जेल की सजा की चेतावनी दी गई।

ये प्रतिबंध केवल इजराइल के नेताओं की जांच ही नहीं, बल्कि कई तरह की जांचों से जुड़े काम में बाधा डाल रहे हैं।

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