ताजा खबरें | बजट कश्मीर चर्चा चार रास
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. उन्होंने कहा कि आज उच्च सदन में जम्मू एवं कश्मीर का कोई प्रतिनिधि नहीं है और यहां उसका बजट पारित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज उच्च सदन में जम्मू एवं कश्मीर का कोई प्रतिनिधि नहीं है और यहां उसका बजट पारित किया जा रहा है।
उन्होंने कश्मीरी पंडितों पर बनी फिल्म ‘कश्मीर फाइल्स’ का उल्लेख करते हुए कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर इसका विरोध नहीं करते लेकिन कश्मीरी पंडितों के घावों पर तेजाब डालने से भला नहीं होगा बल्कि भारतीयता ही लहूलुहान होगी।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विनय विस्वम ने कहा कि कश्मीर को राजनीतिक समाधान चाहिए लेकिन भाजपा इसमें विश्वास नहीं करती है। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सैन्य बलों पर भरोसा करती है...आप बम और बंदूक पर भरोसा करते हैं। आप लोगों ने वाजपेयी (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी) के सपने को भी आघात पहुंचाया है।’’
विस्वम ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों की वजह से लोगों में अलगाववाद की भावना प्रबल हो रही है क्योंकि वे दिल से नहीं, ताकत के बल पर शासन कर रहे हैं।
शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि इस बजट में कश्मीरी पंडितों के लिए कुछ नहीं है।
उन्होंने कहा कि ‘कश्मीर फाइल्स’ में जो दर्द बयां किया गया है, वह महत्वपूर्ण है लेकिन उनके घावों को भरना सरकार की जिम्मदारी है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसे भी यह सरकार राजनीतिक रंग दे रही है।’’
उन्होंने कहा कि अब तक कितने कश्मीरी पंडित वापस अपने घरों को लौटे हैं, सरकार के पास इसका कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
भाजपा के सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बजट में ग्राम पंचायतों, जिला पंचायतों और शहरी निकायों के लिए प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रशासित प्रदेश के विकास के लिए केंद्र सरकार ने दृढ़ता से काम किया है और इसी का नतीजा है कि आज वहां ना पत्थरबाजी होती है, ना हड़ताल होती है और ना ही पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगते हैं।
आईयूएमएल के अब्दुल वहाब ने कहा कि सत्ता पक्ष के लोग कश्मीर की एक तस्वीर पेश कर रहे हैं तो विपक्ष के सदस्य एक अलग ही तस्वीर पेश कर रहे हैं, इससे वह वहां की वास्तविक स्थिति को लेकर भ्रम में हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘वास्तविकता तो वित्त मंत्री अपने जवाब में बताएंगी लेकिन हमारी चिंता कश्मीर और कश्मीरियों को लेकर है।’’
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों पर सरकार को कड़ी नजर रखनी होगी क्योंकि कश्मीर में स्थिति बिगाड़ने की कोशिश हो सकती है।
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने के बाद इस पूर्ववर्ती राज्य में पर्यटन का तेजी से विकास हुआ है और स्थिति यह है कि गर्मियों में वहां घूमने जाने की इच्छा रखने वालों को होटलों में अगले तीन महीनों तक कमरे नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज वहां रात में भी विमानों के उतरने और उड़ान भरने की व्यवस्था है और राष्ट्रीय राजमार्गां का तेजी से विकास हो रहा है।
रेड्डी ने कहा, ‘‘जम्मू एवं कश्मीर नए सफर पर निकल पड़ा है। वह आतंकवाद से पर्यटन की ओर, पत्थबाजी से स्कूली शिक्षा, बेरोजजगारी से रोजगार, भ्रष्टाचार से जवाबदेही, परिवारवाद से जनता की सरकार, अलगाववाद से राष्ट्रवाद, निर्भरता से आत्मनिर्भरता और भारत विरोधी नारे से लोगों का दिल जीतने की ओर बढ़ रहा है।’’
जारी ब्रजेन्द्र
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)