ताजा खबरें | बजट में की गई घोषणाओं से आंध्र को विभाजन के बाद की चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी: तेदेपा सांसद

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट को दूरदृष्टि वाला बजट बताते हुए इसमें आंध्र प्रदेश के लिए 15,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने के वादे का स्वागत किया और कहा कि विभाजन के बाद अनेक चुनौतियों से जूझ रहे राज्य को इससे मदद मिलेगी।

नयी दिल्ली, 24 जुलाई तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट को दूरदृष्टि वाला बजट बताते हुए इसमें आंध्र प्रदेश के लिए 15,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने के वादे का स्वागत किया और कहा कि विभाजन के बाद अनेक चुनौतियों से जूझ रहे राज्य को इससे मदद मिलेगी।

लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए तेदेपा के श्रीभारत माथुकुमली ने कहा कि यह दूरदृष्टि वाला और विकसित भारत बनाने वाला बजट है।

उन्होंने कहा कि अविभाजित आंध्र प्रदेश को अवैज्ञानिक तरीके से विभाजित किया गया था और राजस्व वितरण असमान था, जिस वजह से इतने वर्षों से उसके सामने कई चुनौतियां थीं।

तेदेपा सांसद ने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश को केंद्र से सहायता की जरूरत थी और बजट में राज्य के लिए किए गए प्रावधान उसे मदद देंगे।

वित्त मंत्री सीतारमण ने मंगलवार को केंद्रीय बजट 2024-25 पेश करते हुए आंध्र प्रदेश की राजधानी के विशेष वित्तीय सहयोग, पोलावरम परियोजना के प्रति ‘‘पूर्ण प्रतिबद्धता’’ और बुनियादी ढांचे तथा पिछड़े इलाकों के लिए निधि के तौर पर 15,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने का वादा किया।

माथुकुमली ने कहा कि 2019 में उनकी पार्टी के सत्ता से बाहर होने के बाद अगली सरकार ने पांच साल में राज्य की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह डंवाडोल कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछली सरकार ने अर्थव्यवस्था को इतनी बुरी हालत में और कर्ज के बोझ तले दबा हुआ छोड़ा है कि राज्य के लिए बजट की भी घोषणा नहीं की जा सकती।’’

उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार राज्य की मौजूदा आर्थिक हालत का विवरण देने के लिए जल्द ही, संभवत: कल या परसों में एक श्वेतपत्र जारी करेगी।

तेदेपा सदस्य ने बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र की चुनौतियों को समझकर उसके लिए बजट में प्रावधान किए हैं। उन्होंने घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण के वास्ते वित्तीय सहायता प्रदान करने की केंद्र की घोषणा को स्वागत योग्य बताया।

राजग सरकार के खिलाफ महंगाई और बेरोजगारी के आरोपों को खारिज करते हुए माथुकुमली ने कहा कि आंकड़ों को देखें तो राजग के पिछले दस साल के शासन में मुद्रास्फीति की दर इससे पूर्व रही संप्रग की सरकार के दस साल से कम रही।

उन्होंने उम्मीद जताई कि मोदी सरकार आंध्र प्रदेश में पोलावरम परियोजना को जल्द पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता निभाएगी।

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