कमिंग्स ने जॉनसन पर आरोप लगाया था कि वह इस शीर्ष पद के लिए उपयुक्त नहीं थे।
कमिंग्स 2020 में महामारी के शुरूआती महीनों के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री (जॉनसन) के मुख्य सलाहकार थे। कमिंग्स ने भी तत्कालीन प्रधानमंत्री के अन्य सहयोगियों का अनुसरण किया है, जिन्होंने देश के शांतिकाल के सबसे बड़े संकट के दौरान जॉनसन को एक भटका हुआ और निर्णय नहीं ले सकने वाला नेता बताया है।
सोमवार को, पूर्व प्रधान निजी सचिव मार्टिन रेनॉल्ड्स ने स्वीकार किया कि महामारी से निपटने की तैयारियों में सरकार की ओर से नाकामियां रही थीं। उन्होंने कहा कि जॉनसन अहम मुद्दों पर बार-बार रुख बदलते रहे और वह महत्वपूर्ण फैसले लेने में हिचकिचाये।
एक अन्य पूर्व सहयोगी इमरान शफी ने आरोप लगाया है कि जॉनसन ने मार्च 2020 में लॉकडाउन लगाये जाने से पहले एक बैठक में सवाल किया था कि ‘‘जल्द ही किसी न किसी तरह मरने वाले लोगों के लिए’’ अर्थव्यवस्था को क्यों तबाह किया जाए।
कमिंग्स ने भी दावा किया कि जॉनसन लॉकडाउन लगाने को अनिच्छुक थे क्योंकि उन्होंने कहा था कि वायरस मुख्य रूप से बुजुर्गों की जान ले रहा है।
जॉनसन इस साल के अंत में गवाही देने वाले हैं।
यूरोप में, ब्रिटेन उन देशों में एक है, जहां कोविड से सर्वाधिक संख्या में मौतें हुई थीं। ब्रिटेन में करीब 2,27,000 लोगों की मौत कोरोना वायरस संक्रमण से हुई थी।
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