गोंडा (उप्र), 20 जनवरी भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बृजभूषण सिंह 22 जनवरी को महासंघ की वार्षिक आम सभा (एजीएम) के बाद अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अपना पक्ष जारी करेंगे। महासंघ अध्यक्ष के पुत्र और गोंडा सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने शुक्रवार सुबह गोंडा स्थित अपने मूल निवास पर एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया था। हालांकि, संवाददाता सम्मेलन को टाले जाने के करीब सात घंटे बाद, उनके बेटे प्रतीक पत्रकारों से मुखातिब हुए।
संवाददाताओं को संबोधित करते हुए प्रतीक भूषण ने कहा, "मैं यहां अपने पिता की ओर से आया हूं और मैं आप सभी को सूचित करना चाहता हूं कि हम 22 जनवरी को डब्ल्यूएफआई की एजीएम के बाद लिखित बयान जारी करेंगे।’’
उन्होंने कहा, "हम पूरे भारत के सदस्यों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं और फिर कोई निर्णय लेना चाहते हैं। हम जो भी निर्णय लेंगे, हम एक लिखित बयान के माध्यम से प्रेस को सूचित करेंगे।"
इससे पहले ब्रज भूषण सिंह ने नंदिनी कॉलेज परिसर पहुंचकर तीन दिवसीय कुश्ती चैंपियनशिप में आए खिलाड़ियों से मुलाकात की। आलोचना के घेरे में आए डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने दिन में देश के शीर्ष पहलवानों के विरोध को "शाहीन बाग का धरना" करार दिया और दोहराया कि वह पद नहीं छोड़ेंगे।
ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक, विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट सहित प्रतिष्ठित भारतीय पहलवान पिछले दो दिनों से जंतर-मंतर पर डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए धरना दे रहे हैं।
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