देश की खबरें | रिश्वतखोरी प्रकरण: आईएएस अधिकारी व परिवार को सीबीआई कार्रवाई से प्राप्त अंतरिम संरक्षण बढ़ाया गया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उड़ीसा उच्च न्यायालय ने रिश्वतखोरी के एक मामले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बिष्णुपद सेठी और उनके परिवार के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की किसी भी बलपूर्वक कार्रवाई पर रोक लगाने वाले अपने अंतरिम आदेश को 18 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया है।
कटक, पांच मार्च उड़ीसा उच्च न्यायालय ने रिश्वतखोरी के एक मामले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बिष्णुपद सेठी और उनके परिवार के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की किसी भी बलपूर्वक कार्रवाई पर रोक लगाने वाले अपने अंतरिम आदेश को 18 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया है।
सीबीआई द्वारा जवाबी हलफनामा प्रस्तुत करने के बाद मंगलवार को सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने यह आदेश पारित किया। उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को जवाब दाखिल करने की अनुमति दी और कार्यवाही स्थगित कर दी।
यह मामला केंद्र सरकार के एक सार्वजनिक उपक्रम के वरिष्ठ अधिकारी के साथ सेठी के कथित संबंध पर आधारित है। सार्वजनिक उपक्रम के इस अधिकारी को पिछले साल दिसंबर में 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
सेठी ने सीबीआई द्वारा 18 फरवरी को उनके आवास पर छापेमारी किये जाने के बाद अपनी पत्नी और बेटी के साथ 24 फरवरी को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और जांच एजेंसी के अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया।
न्यायमूर्ति एस के पाणिग्रही ने 25 फरवरी को सेठी को अंतरिम संरक्षण प्रदान किया। तब सीबीआई ने उनकी याचिका पर जवाब देने के लिए समय मांगा था।
मंगलवार को हुई ताजा सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पाणिग्रही ने सेठी परिवार को प्राप्त अंतरिम संरक्षण बढ़ा दिया और कहा कि मामले की सुनवाई 18 मार्च को फिर से होगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)