विदेश की खबरें | ब्लिंकन ईरान, यूक्रेन पर इजराइल, अरबवासियों को आश्वस्त करने की कोशिश करेंगे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. यूक्रेन पर रूस के आक्रमण और पूर्वी यूरोप में नाटो की मौजूदगी बढ़ाने पर अमेरिकी की व्यस्तता ने इन चिंताओं को हवा दी है कि इस क्षेत्र में अमेरिका का ध्यान कम हो सकता है।

यूक्रेन पर रूस के आक्रमण और पूर्वी यूरोप में नाटो की मौजूदगी बढ़ाने पर अमेरिकी की व्यस्तता ने इन चिंताओं को हवा दी है कि इस क्षेत्र में अमेरिका का ध्यान कम हो सकता है।

यूक्रेन में घटनाक्रम के कारण ब्लिंकन की यात्रा का कार्यक्रम कई बार बदला गया है और उनके शनिवार को वारसॉ से इजराइल आने की संभावना है।

ब्लिंकन की यह यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है जब ऐतिहासिक परमाणु समझौते पर ईरान के साथ बातचीत खत्म हो रही है तथा इजराइल और खाड़ी देशों को यह डर है कि तेहरान की क्षेत्रीय आक्रामकता को रोकने के लिए कोई समझौता शायद पर्याप्त न हो।

ब्लिंकन के साथ बैठक में इजराइल के विदेश मंत्री याईर लापिद के अलावा बहरीन, मोरक्को और संयुक्त अरब अमीरात के उनके समकक्ष भी शामिल होंगे।

इन तीनों देशों के पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन की मध्यस्थता के बाद 2020 में इजराइल के साथ सामान्य संबंध हुए। इजराइल को मान्यता देने वाले पहले दो अरब देश मिस्र और संभवत: जॉर्डन भी नेगेव मरुस्थल में किबुत्ज में होने वाली बैठक में अपने प्रतिनिधि भेजेंगे।

अमेरिका ने बार-बार कहा है कि वह इजराइल-फलस्तीन संघर्ष का दो-राष्ट्र के समाधान का समर्थन करता है और ब्लिंकन यरुशलम में इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट से मुलाकात करने के बाद रामल्ला में फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से भी मुलाकात करेंगे।

इजराइल से ब्लिंकन मोरक्को और अल्जीरिया की यात्रा करेंगे। रबात में मोरक्को के अधिकारियों से मुलाकात के अलावा ब्लिंकन वहां आबू धाबी के शक्तिशाली शहजादे शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी मुलाकात करेंगे।

एपी

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