देश की खबरें | शाहीन बाग प्रदर्शन की पूरी पटकथा भाजपा ने लिखी : आप
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को दावा किया कि शाहीन बाग प्रदर्शन की पूरी ‘‘पटकथा भाजपा ने लिखी’’ और दिल्ली चुनावों में फायदे के लिए इसके नेतृत्व ने प्रदर्शनकारियों के हर कदम के लिए उन्हें निर्देश दिए। आप के इस दावे का भाजपा ने खंडन किया है।
नयी दिल्ली, 17 अगस्त आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को दावा किया कि शाहीन बाग प्रदर्शन की पूरी ‘‘पटकथा भाजपा ने लिखी’’ और दिल्ली चुनावों में फायदे के लिए इसके नेतृत्व ने प्रदर्शनकारियों के हर कदम के लिए उन्हें निर्देश दिए। आप के इस दावे का भाजपा ने खंडन किया है।
शाहीन बाग इलाके के अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के कई सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के एक दिन बाद आप के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने यह दावा किया। यह इलाका नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन का केंद्र था।
यह भी पढ़े | Pandit Jasraj Passes Away: पीएम नरेंद्र मोदी ने पंडित जसराज के निधन पर जताया दुख.
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली चुनाव के लिए भाजपा का प्रचार शाहीन बाग प्रदर्शन के इर्द-गिर्द केंद्रित था और यह एकमात्र पार्टी थी जिसे प्रदर्शन के कारण हुए विवाद से फायदा पहुंचा।
उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘दिल्ली विधानसभा का चुनाव शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण या विकास के अन्य मुद्दों पर लड़ा जा सकता था। लेकिन दिल्ली भाजपा ने शाहीन बाग के मुद्दे पर चुनाव लड़ा।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘शाहीन बाग प्रदर्शन की पूरी पटकथा भाजपा ने लिखी थी। इन प्रदर्शनों के हर कदम की पटकथा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने लिखी।’’
भारद्वाज ने दावा किया, ‘‘उन्होंने निर्णय किया कि कौन क्या बोलेगा, कौन किस पर प्रहार करेगा और फिर कौन उस पर पलटवार करेगा। ये सभी चीजें पूर्व निर्धारित थीं।’’
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में भाजपा का वोट प्रतिशत शाहीन बाग प्रदर्शन और इसके कारण हुए विवाद के चलते 18 से बढ़कर 38 हो गया।
आरोपों का भाजपा के तत्कालीन प्रमुख मनोज तिवारी ने खंडन किया और कहा कि पार्टी धर्म, जाति आदि के आधार पर भेदभाव नहीं करती।
तिवारी ने ट्वीट किया, ‘‘अब भ्रम दूर हो रहा है और मुस्लिम भाई-बहन भाजपा के साथ चलना चाहते हैं... बांटना बंद कीजिए अरविंद केजरीवाल जी। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा सभी धर्मों का प्रतिनिधित्व करती है और धर्म, जाति आदि के आधार पर भेदभाव नहीं करती है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)