देश की खबरें | भाजपा सांप्रदायिकता की राजनीति करना चाहती है : कांग्रेस

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रायपुर, नौ अक्टूबर छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी दल कांग्रेस ने कवर्धा शहर में हुई हिंसा के लिए मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि भाजपा सांप्रदायिकता की राजनीति करना चाहती है क्योंकि उसके पास मुद्दे नहीं है।

रायपुर में शनिवार को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में राज्य के तीन वरिष्ठ मंत्रियों रविंद्र चौबे, मोहम्मद अकबर और प्रेमसाय सिंह टेकाम ने स्थानीय प्रशासन की ओर से ‘मामूली चूक’ को स्वीकार किया कि शहर में धारा 144 लगे होने के बाद भी जिले से बाहर के लोग वहां पहुंचे थे। मोहम्मद अकबर कवर्धा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।

राज्य के कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक शांतिप्रिय राज्य है और इस तरह की घटनाओं को यहां माफ नहीं किया जाता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक धार्मिक ध्वज हटाने और दो व्यक्तियों के बीच लड़ाई की घटना को सांप्रदायिक रंग दिया गया।

चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटना की जानकारी ली है और अधिकारियों को उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है जो घटना के दौरान बनाए गए वीडियो में लोगों को उकसाते हुए देखे जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जानकारी मिली है कि मुंगेली, धमतरी, राजनांदगांव, बिलासपुर और अन्य जिलों से बड़ी संख्या में लोग मंगलवार की पूर्व संध्या पर कवर्धा पहुंचे थे। उन्हें स्कूलों और अन्य स्थानों पर ठहराया गया था। यह पता लगाने की जरूरत है कि वह किसके कहने पर शहर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह घटना भाजपा द्वारा प्रायोजित प्रतीत होती है।

मंत्री ने कहा कि भाजपा ने धर्मांतरण को मुद्दा बनाने की कोशिश की और अब वह कवर्धा की घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है। राज्य की जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास मुद्दे खत्म हो गए हैं इसलिए वह ऐसे मुद्दों पर राजनीति करना चाहती है।

चौबे ने कवर्धा की जनता को यह कहते हुए धन्यवाद दिया कि उन्होंने शहर के सद्भाव को बिगाड़ने के भाजपा के प्रयास को खारिज कर दिया है।

यह पूछे जाने पर कि क्या जिला प्रशासन और पुलिस से घटना के दौरान चूक हुई, इस पर चौबे ने कहा कि प्रशासन की ओर से छोटी-सी चूक हुई थी। अगर शहर में बड़ी संख्या में लोगों को प्रवेश करने नहीं दिया जाता तो इस घटना को रोका जा सकता था।

गौरतलब है कि कबीरधाम जिले के मुख्यालय कवर्धा में मंगलवार को हिंदू संगठनों द्वारा निकाली गई एक रैली के दौरान हिंसा हुई थी। इस घटना में संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। शहर में हिंसा के बाद स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए स्थानीय प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा।

दरअसल, तीन अक्टूबर को शहर में धार्मिक झंडे हटाने को लेकर दो समुदायों के लोगों के बीच झड़प हो गई थी। घटना के विरोध में मंगलवार को हिंदू संगठनों ने रैली निकाली थी। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे के बीच कर्फ्यू में चार घंटे की ढील दी गई। जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भाजपा सांसद संतोष पांडे और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह तथा भाजपा के कुछ नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने बताया कि रविवार और मंगलवार की घटना के मामले में पुलिस ने शुक्रवार तक 93 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 24 कबीरधाम जिले के बाहर के हैं।

वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि मंत्रियों के बयानों से ऐसा लगता है कि कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टिकरण का पुराना धंधा फिर से शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जांच से पहले ही तयशुदा नतीजे पर पहुंच गयी है। इसके बाद राज्य की पुलिस द्वारा कोई भी जांच महज खानापूर्ति होगी।

साय ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से मुख्यमंत्री बघेल अपने निहित स्वार्थों के कारण लगातार मिशनरियों और मज़हबी तत्वों के हाथ में खेल रहे हैं। धर्मांतरण समेत तमाम हिन्दू विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देकर कांग्रेस ने राज्य को बारूद के ढेर पर बिठा दिया है।

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