मंगलुरु, सात मार्च भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद कैप्टन बृजेश चौटा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया द्वारा शुक्रवार को विधानसभा में पेश बजट की तीखी आलोचना करते हुए इसे ‘‘अल्पसंख्यकों के तुष्टीकरण’’ का बजट बताया।
दक्षिण कन्नड़ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चौटा ने कहा कि एक तरफ जहां सरकार अपनी गारंटी योजनाओं को निधि देने के लिए संघर्ष कर रही है वहीं उसने ‘‘चार लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया है, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण आवंटन सिर्फ एक विशेष समुदाय के लिये हैं।’’
उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार पर आम लोगों को ‘‘1.16 लाख करोड़ रुपए के कर्ज में डुबोने’’ का आरोप लगाया।
चौटा ने कहा, ‘‘बजट में वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा के लिए 150 करोड़ रुपए, 100 उर्दू विद्यालयों के विकास के लिए 100 करोड़ रुपए, अल्पसंख्यक कॉलोनियों के लिए 1,000 करोड़ रुपए और हज भवन एवं मुस्लिम महिलाओं के लिए विवाह सहायता और वक्फ संपत्तियों और कब्रिस्तान के लिए अतिरिक्त प्रावधान शामिल हैं जिससे सरकार का इरादा साफ हो जाता है।’’
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि बजट समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा लेकिन बजट में ‘‘अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों को अनदेखा’’ किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘... हजारों करोड़ रुपये विशेष रूप से एक समुदाय के लिए निर्धारित किए गए हैं। क्या यह तुष्टीकरण की राजनीति नहीं है?"
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