देश की खबरें | जेल में बंद मंत्री को निलंबित करने पर चर्चा की मांग को लेकर भाजपा विधायकों ने बंगाल विस से बहिर्गमन किया

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कोलकाता, 30 नवंबर जेल में बंद पश्चिम बंगाल के मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक ज्योतिप्रिय मलिक को निलंबित करने पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने बृहस्पतिवार को विधानसभा से बहिर्गमन किया।

भाजपा के विधायकों ने एक प्रस्ताव देकर मांग की थी कि राशन वितरण घोटाले से जुड़े धनशोधन के मामले में गिरफ्तार मलिक को सदन से निलंबित करने का मुद्दा उठाने की उन्हें इजाजत दी जाए। विधानसभा अध्यक्ष बिमान बंद्योपाध्याय ने जब अनुमति नहीं दी तो विपक्षी दल के सभी 30 विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

दो दिन पहले विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को पूरे शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित करने के दो दिन बाद भाजपा विधायक शंकर घोष और अग्निमित्र पॉल उक्त प्रस्ताव लेकर आए थे। अधिकारी ने अध्यक्ष के खिलाफ कथित तौर पर सदन में आपत्तिजनक टिप्पणियां और हंगामा किया था जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया।

भाजपा नेताओं की बृहस्पतिवार की मांग के जवाब में बंदोपाध्याय ने कहा कि इस मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती।

मलिक को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 27 अक्टूबर को राशन घोटाले से जुड़े धनशोधन के मामले में गिरफ्तार किया था।

मांग पर दबाव बनाने के लिए भाजपा के अगले कदम के बारे में पूछे जाने पर घोष ने कहा, "हम सदन के अंदर विभिन्न रूपों में अपना विरोध प्रदर्शन तेज़ करेंगे" लेकिन उन्होंने विस्तार से नहीं बताया।

सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित होने के बाद, सत्तारूढ़ टीएमसी और भाजपा विधायकों ने परिसर में एक-दूसरे के खिलाफ "चोर-चोर" के नारे लगाए।

टीएमसी विधायकों ने मंत्री फिरहाद हकीम, चंद्रिमा भट्टाचार्य और अरूप विश्वास के नेतृत्व में लगातार दूसरे दिन बी.आर. आंबेडकर की मूर्ति पर विरोध प्रदर्शन किया जबकि भाजपा विधायकों का नेतृत्व विपक्ष के नेता अधिकारी ने किया।

सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों के साथ विधानसभा सुरक्षाकर्मी उनके बीच खड़े थे।

टीएमसी का प्रदर्शन केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल को केंद्रीय आवंटन रोकने और संविधान को नष्ट करने के कथित प्रयासों के खिलाफ है।

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