तिरुवनंतपुरम, 16 दिसंबर इडुक्की के वंदिपेरियार में छह साल की बच्ची से बलात्कार और उसकी हत्या की पुलिस जांच में खामियों का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा की कार्यकर्ता शनिवार को यहां पुलिस महानिदेशक शेख दरवेश साहब के आधिकारिक आवास के परिसर में घुस गईं।
पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराधों की सुनवाई करने वाली एक विशेष फास्ट-ट्रैक अदालत ने बृहस्पतिवार को मामले में आरोपी को बरी कर दिया और कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में नाकाम रहा है ।
प्रदर्शनकारियों ने यहां वजुथाकौड में स्थित डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) के आवास के गेट को धक्का देकर खोल दिया और नारेबाजी करते हुये आगे बढ़ने की कोशिश की।
हालांकि, सरकारी आवास पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया, लेकिन विपक्षी भाजपा की महिला मोर्चा की कार्यकर्ता पीछे हटने को तैयार नहीं थीं और उन्होंने नारेबाजी जारी रखी।
इसके बाद पास के थाने से महिला पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचीं और कार्यकर्ताओं को बलपूर्वक वहां से हटाया। वहीं, घटना के वक्त डीजीपी संभवत: घर पर ही मौजूद थे।
वाहन में बिठाने के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने महिला पुलिसकर्मियों से बलात्कार और हत्या की शिकार असहाय लड़की को न्याय दिलाने के लिए उनका समर्थन करने का आग्रह किया।
पुलिस ने बताया कि महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपियों के बरी होने के बाद विपक्षी दलों ने जांच में खामियों का आरोप लगाते हुए पुलिस की आलोचना की है।
लड़की 30 जून, 2021 को अपने घर के अंदर फंदे से लटकी हुई पाई गई थी। यह घटना उस वक्त हुई थी, जब उसके माता-पिता पास के बागान में काम के लिए बाहर गए थे।
पुलिस ने शुरुआत में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया था, लेकिन पोस्टमॉर्टम में बलात्कार की पुष्टि हुयी थी।
विशेष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में जांच अधिकारी (आईओ) ने जांच के दौरान ‘‘सुस्त रवैया’’ अपनाया।
अदालत के फैसले के तुरंत बाद केरल पुलिस ने कहा कि वह मामले में अपील दायर करेगी ।
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