देश की खबरें | मंत्रियों की अनुपस्थिति के विरोध में भाजपा और जद (एस) ने विधानसभा से बहिगर्मन किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेकुलर) के सदस्यों ने विधानसभा में मंत्रियों की अनुपस्थिति के विरोध में बृहस्पतिवार को सदन से बहिर्गमन किया।
बेंगलुरु, 18 जुलाई कर्नाटक में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेकुलर) के सदस्यों ने विधानसभा में मंत्रियों की अनुपस्थिति के विरोध में बृहस्पतिवार को सदन से बहिर्गमन किया।
इसे लेकर विधानसभा अध्यक्ष यू टी खादर ने सत्तारूढ़ पक्ष को फटकार लगाते हुए कहा कि उनके व्यवहार से सरकार की छवि खराब हो रही है।
जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष के नेता आर. अशोक और कई वरिष्ठ भाजपा विधायकों ने सत्ता पक्ष की खाली अग्रिम पंक्तियों की ओर इशारा करते हुए सरकार से सवाल किया और अध्यक्ष खादर से इस का संज्ञान लेने को कहा।
जब सत्तारूढ़ पक्ष के मुख्य सचेतक अशोक पट्टन ने कहा कि कुछ मंत्री विधान परिषद में हैं और उन्होंने अध्यक्ष से कहा कि सदन में तीन-चार मंत्री मौजूद हैं, लिहाजा वह कार्यवाही जारी रखें। इस पर विपक्षी नेताओं ने मांग की कि अध्यक्ष उन मंत्रियों के नाम लें जिन्हें आज विधानसभा में उपस्थित रहना चाहिए था।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कार्यवाही निर्धारित समय पर क्यों नहीं शुरू हुई।
खादर ने पट्टन से कहा, “यहां कहानियां मत सुनाइए, जिन (मंत्रियों) को आना है, उन्हें यहां रहना ही होगा।”
पट्टन ने अपनी लाचारी व्यक्त करते हुए कहा कि वह मंत्रियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए फोन कर रहे हैं।
भाजपा के कुछ विधायकों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों और मंत्रियों में अनुशासन नहीं रहा और वे अध्यक्ष को महत्व नहीं देते हैं। उन्होंने अध्यक्ष से सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया।
पट्टन ने कहा कि एच. सी. महादेवप्पा जैसे वरिष्ठ मंत्री मौजूद हैं और वह कार्यवाही पर ध्यान देंगे तथा मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ‘वाल्मीकि घोटाले’ पर चर्चा का जवाब देंगे।
अशोक ने कहा कि वह “सत्तारूढ़ पार्टी के आचरण से व्यथित हैं... हम विधानसभा सत्र के लिए करोड़ों रुपये खर्च करते हैं...मंत्रियों को क्या समस्या है। सदन में वे क्यों नहीं आ सकते। उनके गैरजिम्मेदाराना व्यवहार की निंदा करते हुए हम विरोध स्वरूप सदन से बहिर्गमन करते हैं। हमें आसन के प्रति सहानुभूति है।”
शरत बाचेगौड़ा सहित कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि विपक्ष नहीं चाहता कि सदन चले और वे मीडिया में आने के लिए राजनीति कर रहे हैं।
खादर ने कहा कि सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए, विपक्ष के आरोपों में कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि कांग्रेस भी अगर विपक्ष में होती तो यही करती।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)