देश की खबरें | बिरला ने पैंगोंग झील का दौरा किया; संरपंचों, जवानों से बातचीत की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कहा कि लद्दाख के स्थानीय लोगों और रक्षा कर्मियों के बीच अद्भुत तालमेल है जो इस क्षेत्र को पूरी तरह से सुरक्षित बनाता है।

पैंगोंग सो (लद्दाख), 28 अगस्त लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कहा कि लद्दाख के स्थानीय लोगों और रक्षा कर्मियों के बीच अद्भुत तालमेल है जो इस क्षेत्र को पूरी तरह से सुरक्षित बनाता है।

‘पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण के लिये संसदीय पहुंच कार्यक्रम’ के तहत लद्दाख क्षेत्र के तीन दिवसीय दौर पर आये बिरला ने दिन के दौरान पैंगोंग सो (झील) का दौरा किया।

बिरला का पैंगोंग झील और उसके आसपास के क्षेत्रों का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब कुछ दिन पहले सत्ताधारी और विपक्ष दोनों पक्षों के कई सांसदों ने अपनी-अपनी संसदीय समिति के आधिकारिक दौरे के तहत क्षेत्र का दौरा किया था।

बिरला लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास दूर-दराज के इलाकों का दौरा करने वाले संभवत: पहले लोकसभा अध्यक्ष हैं। उन्होंने यहां स्थानीय सरपंचों, पर्वतीय परिषद के सदस्यों और पर्यटकों के साथ भी संवाद किया।

उन्होंने कहा, ‘‘स्थानीय ग्रामीणों और सशस्त्र कर्मियों के बीच एक अद्भुत तालमेल है जो इस क्षेत्र को पूरी तरह से सुरक्षित बना रहा है।’’ बिरला ने इलाके में तैनात सेना के जवानों से भी बातचीत की।

बिरला का रविवार को श्रीनगर का दौरा करने का कार्यक्रम है और वह पंचायत सदस्यों के एक सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।

उन्होंने दिन में बाद में लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद- लेह की बैठक को संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि भारत अपनी स्वतंत्रता के 75वें वर्ष पूरे होने पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मना रहा है और लोकतांत्रिक संस्थानों, जिनमें जमीनी स्तर पर काम करने वाले भी शामिल हैं, को हमारे लोकतंत्र को और अधिक जीवंत और मजबूत बनाने के लिए सामूहिक रूप से काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोग संविधान के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि इसने हमारी विविधताओं के बावजूद हमारे लोकतंत्र को मजबूत किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने विकास के पथ पर एक लंबी यात्रा की है, लेकिन कई देशों के विपरीत, भारत ने कभी भी एक चुनी हुई सरकार से दूसरी सरकार को सत्ता हस्तांतरण में अस्थिरता नहीं देखी है।’’

बिरला ने कहा कि निकट भविष्य में लद्दाख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा और केंद्र शासित प्रदेश अपनी सांस्कृति और पहचान से समझौता किए बिना समृद्ध होगा।

बिरला रविवार को श्रीनगर का दौरा करने वाले हैं और वह पंचायत सदस्यों के एक सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।

अमित माधव

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