देश की खबरें | कृषि सुधार संबंधी विधेयक किसानों के हित में, प्रदेश में कोई मंडी बन्द नहीं होगी : चौहान
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

उज्जैन (मध्यप्रदेश), 18 सितंबर लोकसभा में एक दिन पहले पारित कृषि सुधार संबंधी विधेयकों को किसान हितैषी बताते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को किसानों को आश्वस्त किया कि इस विधेयक के लागू होने से प्रदेश में न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी बंद होगी और न ही कोई मंडी प्रभावित होगी।

लोकसभा ने बृहस्पतिवार को कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक, कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक पारित कर दिया। आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक पहले ही पारित हो चुका है ।

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मुख्यमंत्री चौहान ने आज उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से प्रदेश के 22 लाख किसानों के खाते में प्रधानमंत्री फसल बीमा के 4,686 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार किसान हितैषी है और इसका मुख्य केन्द्र बिन्दु किसान एवं खेती है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हर परिस्थिति में किसान के साथ खड़ी है।

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कार्यक्रम में मौजूद किसानों एवं वेब कास्टिंग के माध्यम से जुड़े लाखों किसानों से संवाद करते हुए चौहान ने कहा कि हमने सरकार में आते ही किसानों की प्रधानमंत्री फसल बीमा की पुरानी किश्त भरने का काम किया।

लोकसभा में एक दिन पहले पारित कृषि सुधार संबंधी विधेयकों को किसान हितैशी बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘किसानों के हित में निर्णय लिया गया है कि मध्य प्रदेश में कोई भी मंडी बन्द नहीं होगी। प्रदेश के किसान को यह सुविधा दी गई है कि वह चाहे तो अपने खेत से या अपने घर से भी अपनी उपज बेच सकता है।’’

चौहान ने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाया जायेगा और माँ नर्मदा का जल मालवा क्षेत्र में लाकर रहेंगे। आगामी तीन वर्षों में सूक्ष्म सिंचाई के लिये हरित क्रान्ति समिति का गठन भी किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से किसानों को बीमा राशि की सौगात दी जा रही हैं। कोरोना वायरस संकट के कारण प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था के बाबजूद भी किसानों के हित में किसी भी तरह की कोई बाधा नहीं आने दी जायेगी।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते कारखाने और उद्योग-धंधे बन्द हो गये। टैक्स आना बन्द हो गया, फिर भी हमने ढाई सौ करोड़ रूपये का प्रीमियम किसानों का भरा। किसानों की जिन्दगी को पटरी से उतरने नहीं दिया। सहकारी बैंक का 1500 करोड़ रुपये भर रहे हैं। इसके साथ ही भावांतर के 470 करोड़ रुपये भी हम देंगे।

चौहान ने कहा कि अब कोई भी किसान क्रेडिट कार्ड से वंचित नहीं रहेगा। दूध उत्पादक कृषकों के भी किसान क्रेडिट कार्ड बनाये जायेंगे। यदि कोई व्यक्ति गोवंश के लिये ऋण लेता है तो उसे जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। स्वामित्व योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र का सर्वे कर ग्रामीण व्यक्तियों को भू-अधिकार दिया जायेगा। वह अपने घर के माध्यम से ऋण ले सकेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया है और हमने आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश का संकल्प लिया है। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश किसानों के सहयोग से ही बन सकेगा।

चौहान ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी कभी बन्द नहीं की जायेगी।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने गुरूवार की रात को ट्वीट किया था, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी यह विधेयक किसानों के जीवन में अभूतपूर्व सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला सिद्ध होगा। किसान आपके नेतृत्व में तेजी से खुशहाली व समृद्धि के पथ पर बढ़ रहा है। ऐसे अद्वितीय प्रयासों के लिए अन्नदाता की ओर से आपका अभिनंदन।

सं रावत

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