विदेश की खबरें | बाइडन ने पोलैंड को सुरक्षा को लेकर आश्वस्त किया

बाडन ने पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा से कहा, ‘‘आपके देश की स्वतंत्रता को लेकर हमारी प्रतिबद्धता है।’’ वारसॉ में राष्ट्रपति भवन में दोनों नेताओं ने यूक्रेन पर रूसी आक्रमण को समाप्त करने से जुड़े मुद्दों और साझा लक्ष्यों पर बात की। डूडा ने कहा, ‘‘समय बहुत कठिन है, मगर आज पोलैंड-अमेरिका के संबंध प्रगाढ़ हो रहे हैं।’’

रूस के हमले के बाद से यूक्रेन से 37 लाख लोग पलायन कर चुके हैं और इनमें से 20 लाख लोगों ने पोलैंड में शरण ली है। इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका ने घोषणा की थी कि वह यूक्रेन के एक लाख शरणार्थियों को शरण देगा। बाइडन ने डूडा से कहा कि वह समझते हैं कि पोलैंड ‘‘एक बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहा है, लेकिन यह सब नाटो की जिम्मेदारी होनी चाहिए।’’

बाइडन ने उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के ‘‘सामूहिक रक्षा’’ समझौते को ‘‘पवित्र प्रतिबद्धता’’ करार दिया और कहा कि पश्चिमी देशों के सैन्य गठबंधन की एकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। बाइडन ने रूसी राष्ट्रपति के बारे में कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि व्लादिमीर पुतिन नाटो में मतभेद का इंतजार कर रहे थे। लेकिन, वह ऐसा नहीं कर पाए। हम सब एकजुट हैं।’’

बाइडन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने कहा कि पोलैंड की राजधानी में शनिवार को बाइडन संबोधित करेंगे। इसमें वह आगे की चुनौतियों का जिक्र करेंगे।

युद्ध के दूसरे महीने में प्रवेश करने के साथ, यूरोपीय सुरक्षा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अपनी सबसे गंभीर परीक्षा का सामना कर रही है। पश्चिमी देशों के नेता संघर्ष के फैलने की स्थिति में आकस्मिक योजनाओं को लेकर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

बाइडन यूरोप की चार दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में पोलैंड आए हैं। डूडा से वार्ता के अलावा बाइडन ने अमेरिका और यूक्रेन के राजनयिकों और सैन्य अधिकारियों से यूक्रेन की स्थिति पर अद्यतन जानकारी ली। वारसॉ में अपने संबोधन के बाद बाइडन अमेरिका लौट जाएंगे।

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