देश की खबरें | बाइडन और ट्रंप ने ‘सुपर ट्यूजडे’ प्राइमरी चुनाव में मारी बाजी, हेली पर दौड़ से हटने का दबाव बढ़ा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद की दावेदारी के लिए देशभर के 15 राज्यों में हुए अपनी-अपनी पार्टी के प्राइमरी चुनावों में जीत हासिल करने में कामयाब रहे, जिससे इस साल नवंबर में दोनों नेताओं के बीच एक बार फिर से आमना-सामना होने का मार्ग प्रशस्त होता प्रतीत हो रहा है। साथ ही वर्मोंट में स्तब्ध करने वाली जीत के बावजूद भारतीय-अमेरिकी निक्की हेली पर अपनी दावेदारी को छोड़ने का दबाव बढ़ गया है।
वाशिंगटन, छह मार्च अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद की दावेदारी के लिए देशभर के 15 राज्यों में हुए अपनी-अपनी पार्टी के प्राइमरी चुनावों में जीत हासिल करने में कामयाब रहे, जिससे इस साल नवंबर में दोनों नेताओं के बीच एक बार फिर से आमना-सामना होने का मार्ग प्रशस्त होता प्रतीत हो रहा है। साथ ही वर्मोंट में स्तब्ध करने वाली जीत के बावजूद भारतीय-अमेरिकी निक्की हेली पर अपनी दावेदारी को छोड़ने का दबाव बढ़ गया है।
‘सुपर ट्यूजडे’ के नतीजों के बाद 77 वर्षीय ट्रंप ने अपनी रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी 52 वर्षीय हेली पर मजबूत बढ़त बना ली है।
ट्रंप ने टेक्सास, कैलिफोर्निया और 11 अन्य राज्यों में शानदार जीत हासिल की है लेकिन हेली ने वर्मोंट में जीत दर्ज कर उन्हें मुकाबले में पूर्ण जीत हासिल करने से रोक दिया।
हालांकि जिन 15 राज्यों में मंगलवार को मतदान हुआ, वहां ट्रंप के लिए पार्टी का नामांकन हासिल करने के लिए पर्याप्त प्रतिनिधि नहीं थे, लेकिन वह इसके बहुत करीब पहुंच गए।
‘सुपर ट्यूजडे’ को सभी रिपब्लिकन प्रतिनिधियों में से एक तिहाई के लिए चुनाव हुआ जो 2024 में प्राइमरी चुनाव के लिए सबसे अहम तारीख है।
रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद का नामांकन हासिल करने के लिए दोनों उम्मीदवारों में से किसी एक को 1,215 प्रतिनिधियों के समर्थन की आवश्यकता होती है, जो प्राइमरी के दौरान चुने जाते हैं। ‘सुपर ट्यूजडे’ के बाद ट्रंप के पास 244 प्रतिनिधियों का समर्थन है जबकि जबकि हेली के पक्ष में सिर्फ 86 प्रतिनिधि चुने गए हैं।
एक बार फिर से राष्ट्रपति पद पर काबिज होने की इच्छा रख रहे बाइडन(81) लगभग सभी डेमोक्रेट प्राइमरी राज्यों में जीत हासिल करने में कामयाब रहे।
बाइडन को अमेरिकी सामोआ में पहली हार जेसन पामर के हाथों से मिली थी। पामर ने छोटे अमेरिकी क्षेत्र में जीत हासिल की, जहां 100 से भी कम लोग कॉकस में भाग लेते हैं। यह डेमोक्रेटिक नामांकन के लिए बाइडन की दावेदारी कमजोर नहीं होगी।
सीएनएन की खबर के मुताबिक, ''जो बाइडन को प्राइमरी चुनाव में किसी मुश्किल चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा और उन्होंने अभी तक सभी डेमोक्रेट प्राइमरी चुनावों में जीत हासिल की।'' सीएनएन ने उम्मीद जताई है कि बाइडन और ट्रंप के बीच नवंबर में एक बार फिर से आमना-सामना होने की उम्मीद है।
‘सुपर ट्यूजडे’ राष्ट्रपति पद की प्राइमरी का एक महत्वपूर्ण चरण है जब प्रारंभिक मुकाबला समाप्त हो जाती हैं और कई राज्यों के मतदाता एक ही तारीख को होने वाली प्राइमरी में मतदान करते हैं। वर्मोंट को छोड़कर लगभग सभी नतीजे ट्रंप के पक्ष में आए हैं। वर्मोंट में भी जीत का अंतर लगभग एक प्रतिशत था।
फ्लोरिडा के पाम बीच पर ट्रंप ने लोगों को संबोधित करते हुए दावा किया कि ‘‘हमारा देश बहुत विभाजित है,’’ और जल्द ही इसे एकजुट करने का संकल्प लिया। उन्होंने अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्थ की तुलना ‘तीसरी दुनिया के देशों’ से की।
ट्रंप ने कहा, ‘‘यहां कभी नहीं हुआ। ऐसा अन्य देशों में होता है, लेकिन वे तीसरी दुनिया के देश हैं। और कुछ मायनों में, हम तीसरी दुनिया के देश हैं।’’
ट्रंप ने फिर से शिकायतों की सूची दोहराई और इस बात पर जोर दिया कि देश बाइडन के नेतृत्व में अराजकता की ओर बढ़ रहा है और चुनावी सुचिता को लेकर संदेह पैदा कर रहा है।
इससे पहले, बाइडन ने अपने प्रशासन के कार्यों के बारे में बताया, साथ ही चेतावनी दी कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का मतलब ‘‘अराजकता, विभाजन और अंधकार’’ की वापसी होगा।
बाइडन ने अपने प्रशासन के तहत नौकरियों, मुद्रास्फीति, दवाओं की कीमतों और बंदूक नियंत्रण पर हुई प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि ‘‘चार साल पहले, मैं डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उस अमेरिका के अस्तित्व पर खतरा पैदा करने की वजह से चुनाव लड़ा जिस पर हम सभी विश्वास करते हैं।’’
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ट्रंप की व्हाइट हाउस में वापसी होती है तो उनके प्रशासन द्वारा की गई प्रगति खतरे में पड़ जाएगी।
सीएनएन ने साउथ कैरोलिना की पूर्व गवर्नर हेली के करीब के हवाले से कहा कि उन्होंने अबतक यह फैसला नहीं किया है कि राष्ट्रपति उम्मीदवारी की दौड़ से हटने पर अपने पूर्व बॉस ट्रंप का समर्थन करेंगी या नहीं लेकिन उनके अभियान को विषय पर बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
हेली के करीबी लोगों की अलग-अलग राय है। कुछ का मानना है कि ट्रंप का समर्थन करना उनके लिए बेहतर होगा क्योंकि यह ‘टीम के तौर पर कार्य’ दिखेगा, वहीं अन्य ट्रंप का समर्थन करने का विरोध कर रहे हैं क्योंकि ऐसा करने पर हेली को ट्रंप की आलोचना करने और अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका मिलेगा।
सूत्रों ने सीएनएन को बताया कि उनके करीबियों ने हाल में हेली से अपनी राय साझा की। हेली ने हाल में कहा था कि वह किसी को समर्थन देने पर ध्यान केंद्रित नहीं कर रही हैं क्योंकि अभी उनका ध्यान स्वयं जीतने पर है।
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