जरुरी जानकारी | भारतनेट अनुबंध मामला: उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता के उत्पीड़न को लेकर केंद्र से जवाब मांगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारत नेट परियोजना के तहत दिये गये ठेकों को चुनौती देने वाली एक याचिका में कुछ दस्तावेज दाखिल करने के बाद पुलिस द्वारा योचिकाकर्ता के उत्पीड़न और धमकाने के मामले में बृहस्पतिवार को केंद्र से जवाब मांगा।
नयी दिल्ली, दो सितंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारत नेट परियोजना के तहत दिये गये ठेकों को चुनौती देने वाली एक याचिका में कुछ दस्तावेज दाखिल करने के बाद पुलिस द्वारा योचिकाकर्ता के उत्पीड़न और धमकाने के मामले में बृहस्पतिवार को केंद्र से जवाब मांगा।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने याचिकाकर्ता सोसायटी, टेलीकॉम वॉचडॉग की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया। याचिका में दावा किया गया कि सोसाइटी के सचिव को दस्तावेज लीक होने की जांच के लिए केंद्र के इशारे पर दर्ज प्राथमिकी के संबंध में पुलिस से नोटिस मिला है।
इसमें कहा गया कि यह न्याय प्रशासन में बाधा और अदालत की आपराधिक अवमानना के समान है।
सोसायटी के वकील प्रशांत भूषण ने किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा का आदेश मांगा जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश पटेल ने कहा, "हम पुलिस को नोटिस जारी नहीं कर रहे हैं ... हम भारत सरकार से जवाब मांग रहे हैं और मामले को आगे की सुनवाई के लिए 17 सितंबर को सूचीबद्ध किया गया है।"
भूषण ने दलील दी कि दस्तावेजों के माध्यम से कुछ जानकारी को जनहित में अदालत के संज्ञान में लाया गया था और याचिकाकर्ता को व्हिसल ब्लोअर के तौर पर सुरक्षा दी जानी चाहिए।
उन्होंने दिया, "फाइलों में दर्ज नोटिंग जो सार्वजनिक हित में हैं, उन्हें सार्वजनिक करने की आवश्यकता है।"
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