देश की खबरें | केंद्रीय मंत्री रूपाला के समर्थन में पाटीदार संगठन के बैनर हटाए गए
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुजरात के राजकोट शहर में चुनाव अधिकारियों ने आदर्श आचार संहिता का हवाला देकर केंद्रीय मंत्री एवं राजकोट लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार परषोत्तम रूपाला के समर्थन में एक पाटीदार संगठन द्वारा लगाए गए कई बैनर शुक्रवार को हटा दिए।
राजकोट, पांच अप्रैल गुजरात के राजकोट शहर में चुनाव अधिकारियों ने आदर्श आचार संहिता का हवाला देकर केंद्रीय मंत्री एवं राजकोट लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार परषोत्तम रूपाला के समर्थन में एक पाटीदार संगठन द्वारा लगाए गए कई बैनर शुक्रवार को हटा दिए।
रूपाला के समर्थन में यह बैनर बृहस्पतिवार को लगाए गए थे। रूपाला की ओर से राजपूत समुदाय के संबंध में की गयी एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के कारण क्षत्रिय समाज के लोगों में उनके प्रति काफी गुस्सा है।
क्षत्रिय समुदाय ने रूपाला को राजकोट सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में हटाए जाने की मांग की है। समुदाय ने ऐसा नहीं होने पर लोकसभा चुनाव से पहले देशव्यापी आंदोलन शुरू करने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ मतदान करने की धमकी दी है।
पाटीदार समुदाय से संबंध रखने वाले रूपाला ने हालांकि अपने बयान के लिए माफी भी मांगी है।
राजकोट में रूपाला के समर्थन में बैनर लगाए गए थे, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गले लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बैनर पर एक संदेश में लिखा है, ‘‘मैं हिंदुत्व के साथ हूं, मैं भाजपा के साथ हूं, मैं नरेन्द्र मोदी के साथ हूं, मैं परषोत्तम रूपाला के साथ हूं।’’
पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) के सदस्यों ने शहर के अंबिका शहरी इलाके में ये बैनर लगाए थे।
स्थानीय पीएएएस संयोजक मीत बवेरिया ने कहा, ‘‘हमने रूपाला के समर्थन में बैनर लगाए थे... चूंकि रूपाला पहले ही अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांग चुके हैं, इसलिए क्षत्रिय समुदाय को अब उन्हें माफ कर देना चाहिए। आदर्श आचार संहिता के मद्देनजर शुक्रवार को सुबह चुनाव अधिकारियों ने यह बैनर हटा दिए। ’’
गुजरात की राजकोट लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रूपाला ने यह दावा करके विवाद पैदा कर दिया था कि तत्कालीन ‘महाराजाओं’ ने विदेशी शासकों और अंग्रेजों के उत्पीड़न के आगे घुटने टेक दिए थे और यहां तक कि अपनी बेटियों की शादी भी उनसे कर दी थी।
गुजरात में क्षत्रिय समुदाय ने रूपाला की टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई क्योंकि तत्कालीन राजघरानों में अधिकतर राजपूत थे।
रूपाला की टिप्पणियों का एक वीडियो 22 मार्च को सोशल मीडिया पर आया था जिसके तुरंत बाद उन्होंने माफी मांग ली थी। लेकिन गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को यह दावा करते हुए शिकायत दी गयी थी कि रूपाला ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया।
रूपाला को राहत देते हुए गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने घोषणा की है कि रूपाला की टिप्पणियां आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं करती हैं।
गुजरात की सभी 26 लोकसभा सीट पर तीसरे चरण में सात मई को मतदान होगा और वोटों की गिनती चार जून को होगी।
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