देश की खबरें | जासूसी मामले में नेपाली नागरिक को जमानत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने चीनी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों को कथित रूप से संवेदनशील सूचनाएं लीक करने के मामले में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार एक नेपाली नागरिक को सोमवार को जमानत दे दी।

नयी दिल्ली, पांच जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने चीनी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों को कथित रूप से संवेदनशील सूचनाएं लीक करने के मामले में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार एक नेपाली नागरिक को सोमवार को जमानत दे दी।

न्यायमूर्ति विकास महाजन ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद शेर सिंह को जेल में बंद रखने से कोई मकसद हल नहीं होगा और उन्होंने उसे (सिंह) सशर्त जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि शेर सिंह का नाम न तो प्राथमिकी में दर्ज है और न ही उसके पास से कोई गोपनीय दस्तावेज बरामद हुआ था।

न्यायमूर्ति ने कहा कि आरोपों और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनवाई के दौरान परखा जाएगा और अभी इस बात का संज्ञान लेना होगा कि मामले में अन्य सह आरोपी, जोकि ‘मुख्य आरोपी’ है, जमानत पर रिहा हो चुके है जबकि याचिकाकर्ता 19 सितंबर, 2020 से ही जेल में बंद है।

अदालत ने कहा, ‘‘जांच पूरी हो चुकी है और आवेदक से आगे कुछ नहीं मिलने वाला है। अभियोजन पक्ष ने यह भी नहीं कहा है कि आवेदक आदतन अपराधी है या फिर किसी अन्य मामले में भी संलिप्त है।’’

अदालत ने आदेश दिया, ‘‘उपरोक्त के मद्देनजर आवेदक को जेल में बंद रखने से कोई लाभ नहीं होगा। इसलिए, आवेदक को 10,000 रुपये के निजी बांड और इतनी ही राशि के मुचलके पर जमानत दी जाती है।’’

दिल्ली पुलिस ने सरकारी गोपनीयता कानून के तहत हुए कथित अपराध के संबंध में 2020 में प्राथमिकी दर्ज की थी और 14 सितंबर, 2020 को दिल्ली निवासी स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा को गिरफ्तार किया था।

अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि एक भारतीय खुफिया एजेंसी से मिली सूचना के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश संबंधों को प्रभावित करने में सक्षम संवेदनशील सूचनाएं, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से मुहैया कराने के एवज में शर्मा को अपने आका से हवाला और ‘वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर’ के माध्यम से धन प्राप्त हो रहा था।

उसके बाद आवेदक को षड्यंत्र का हिस्सा होने के आरोप में भी गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि आवेदक का अपराध देश की सम्प्रभुता और अखंडता को प्रभावित करता है और नेपाली नागरिक होने के नाते उसके देश छोड़कर भागने का भी डर है।

पुलिस ने दावा किया कि आवेदक की षड्यंत्र में बड़ी भूमिका थी।

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