विदेश की खबरें | अटॉर्नी जनरल ने ट्रम्प के मानहानि मामले में न्याय मंत्रालय के हस्तक्षेप संबंधी कदम का स्वागत किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. लेखिका ई. जीन कैरोल ने पिछले साल आरोप लगाया था कि ट्रम्प ने 1990 के दशक के मध्य में न्यूयॉर्क के एक डिपार्टमेंटल स्टोर में उनसे बलात्कार किया था।
लेखिका ई. जीन कैरोल ने पिछले साल आरोप लगाया था कि ट्रम्प ने 1990 के दशक के मध्य में न्यूयॉर्क के एक डिपार्टमेंटल स्टोर में उनसे बलात्कार किया था।
ट्रम्प ने टिप्पणी की थी कि कैरोल अपनी पुस्तक की बिक्री बढ़ाने के लिए ‘‘सरासर झूठ बोल रही हैं’’। कैरोल ने मानहानि का मुकदमा दायर करके आरोप लगाया है कि ट्रम्प की इन टिप्पणियों ने उनके करियर को नुकसान पहुंचाया और उनके चरित्र को धूमिल किया।
अटॉर्नी जनरल ने शिकागो में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि न्याय मंत्रालय का कदम कानून के अनुसार उठाया गया है और ‘‘ यह कानून स्पष्ट है। ऐसा अक्सर किया जाता है।’’
वहीं, विशेषज्ञों ने इस मानहानि मामले का व्हाइट हाउस के कर्तव्यों से कोई संबंध होने की गुंजाइश पर संदेह जताया।
विशेषज्ञों ने कहा कि मंत्रालय के इस कदम से ट्रम्प के मामले की सुनवाई में देरी करने में भले ही मदद मिल सकती है, लेकिन प्रशासन के वकीलों के लिए यह साबित करना बहुत मुश्किल होगा कि ट्रम्प ने कैरोल के आरोपों से इनकार करते समय अपनी आधिकारिक क्षमता के तहत व्यवहार किया।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश के शासन में न्याय मंत्रालय के ‘सिविल डिविजन’ का नेतृत्व कर चुके स्टुअर्ट गेर्सन ने कहा, ‘‘मैं इस प्रकार की दलील नहीं देता और यदि राष्ट्रपति ने ऐसा करने के लिए मुझसे संपर्क किया होता, तो मैं इनकार कर देता।’’
उल्लेखनीय है कि अमेरिका के न्याय मंत्रालय ने ट्रम्प के खिलाफ मानहानि मामले को संघीय अदालत में स्थानांतरित करने और ट्रम्प के बजाय अमेरिका को इस मामले में बचावकर्ता बनाए जाने की याचिका दायर की है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)