देश की खबरें | फिलहाल सबकी मौजूदगी में न्यायालय कक्ष में मुकदमों की सुनवाई संभव नहीं : शीर्ष अदालत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कोविड-19 महामारी से उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर फिलहाल न्यायालय कक्षों में सबकी उपस्थिति में मुकदमों की सुनवाई की संभावना से इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि सात सदस्यीय न्यायाधीशों की समिति चार सप्ताह बाद स्थिति की समीक्षा करेगी।
नयी दिल्ली, 22 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कोविड-19 महामारी से उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर फिलहाल न्यायालय कक्षों में सबकी उपस्थिति में मुकदमों की सुनवाई की संभावना से इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि सात सदस्यीय न्यायाधीशों की समिति चार सप्ताह बाद स्थिति की समीक्षा करेगी।
कोविड-19 महामारी की वजह से देश में लॉकडाउन लागू होने के कारण शीर्ष अदालत 25 मार्च से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुकदमों की सुनवाई कर रही है। न्यायालय ने यह प्रतिबंध खत्म होने के बाद भी अगले आदेश तक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से न्यायिक कार्यवाही जारी रखने का निर्णय किया है।
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प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत के सात न्यायाधीशाों की समिति न्यायालय में सबकी उपस्थिति में मुकदमों की सुनवाई फिर से शुरू करने के पहलू पर चार सप्ताह बाद विचार करेगी।
प्रधान न्यायाधीश ने यह टिप्पणी उस वक्त की जब एक अधिवक्ता ने विभिन्न राज्यों में अनुसूचित जाति-जनजातियों को पदोन्नति में आरक्षण के लाभ से संबंधित याचिकाओं पर विचार के लिये न्यायालय कक्ष में सुनवाई शुरू करने का अनुरोध किया।
पीठ ने कहा कि न्यायाधीशों की समिति इस पहलू पर विचार करेगी कि किस तरह की सुनवाई की अनुमति दी जा सकती है।
इससे पहले, जून के दूसरे सप्ताह में भी यह समिति न्यायालय कक्ष में नियमित रूप से मुकदमों की सुनवाई कराने के उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन और उच्चतम न्यायालय एडवोकेट्स ऑन रिकार्ड एसोसिएशन सहित विभिन्न संगठनों की मांग से सहमत नहीं हुयी थी और उसने कहा था कि महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुये शीर्ष अदालत के कामकाज के बारे में बाद में समीक्षा की जायेगी।
अनूप
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