देश की खबरें | चार बार के सांसद राकेश सिंह के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ से कम नहीं है विधानसभा चुनाव
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जबलपुर, छह नवंबर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राकेश सिंह मध्य प्रदेश की जबलपुर संसदीय सीट पर लगातार चार बार जीत का परचम फहरा चुके हैं लेकिन क्षेत्र के अपने पहले विधानसभा चुनाव में उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
पिछले आम चुनाव में जबलपुर संसदीय क्षेत्र में कुल 18,19,893 मतदाता थे और राकेश सिंह ने कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य व तत्कालीन उम्मीदवार विवेक तन्खा के खिलाफ साढ़े चार लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की थी।
राकेश सिंह भारतीय जनता पार्टी के उन चुनिंदा सांसदों में शामिल हैं जिन पर पार्टी ने विधानसभा चुनाव में दांव लगाया है।
छात्र राजनीति से अपने सियासी सफर की शुरुआत करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला अध्यक्ष और लगातार चौथी बार संसद में मध्य प्रदेश की 'संस्कारधानी' कहे जाने वाले जबलपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे राकेश सिंह पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं।
नर्मदा रोड स्थित बंदरिया तिराहा पर अपना व्यवसाय करने वाले 58 वर्षीय केशव शिवहरे की टिप्पणी थी कि यह चुनाव उनके लिए किसी ‘अग्निपरीक्षा’ से कम नहीं है।
शिवहरे का कहना था कि राकेश सिंह के पास गिनाने के लिए केंद्र की योजनाएं हैं और उनके पास 'मोदी जी' (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी) का चेहरा है लेकिन भनोत स्थानीय हैं और वह लोगों के सुख-दुख में साथ रहे हैं।
उन्होंने कहा, "एक तरफ जहां भनोत की साफ सुथरी छवि है और वह मिलनसार भी हैं, वहीं दूसरी ओर राकेश सिंह की छवि इसके विपरीत है।"
यह पूछे जाने पर कि वह चार बार के सांसद हैं और उनकी जीत का अंतर चार लाख से अधिक का रहा है तो शिवहरे ने कहा कि यह विधानसभा का चुनाव है, लोकसभा का नहीं।
जबलपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को पिछले दो चुनावों में निराशा हाथ लगी थी और यही कारण था कि इस बार पार्टी ने राकेश सिंह को मैदान में उतारने का फैसला किया ।
यहां से लगातार दो बार के विधायक और कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार के वित्त मंत्री तरुण भनोत उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
भनोत ने 2013 में भाजपा के तत्कालीन विधायक हरेंद्र जीत सिंह 'बब्बू' के खिलाफ करीब एक हजार और 2018 में 18,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। लगातार दूसरी जीत हासिल करने के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उन्हें अपनी सरकार में वित्त मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण विभाग सौंपा।
भनोत पंजाबी हिन्दू समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। क्षेत्र में इस समुदाय के करीब 15,000 मतदाता हैं। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,17,459 मतदाता हैं।
इस सीट पर बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी सहित विभिन्न दलों व निर्दलीय सहित कुल 10 उम्मीदवार भी मैदान में हैं लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस में ही है।
राकेश सिंह लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक हैं और वह पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भी रहे हैं। वह जनता के बीच बतौर सांसद अपनी उपलब्धियां और जनहित में किए गए कार्यों की फेहरिस्त पेश कर रहे हैं ।
क्षेत्र में लगातार और धुआंधार चुनाव प्रचार कर रहे सिंह ने पीटीआई- से बातचीत में कहा ,‘‘ जबलपुर को 20 साल पहले कभी 'बड़ा गांव' कहा जाता था लेकिन मेरे परिश्रम की वजह से वह आज 'महानगर' की श्रेणी में आ गया है।’’
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