देश की खबरें | असम : पूर्व उग्रवादी बनाएंगे सैनिटरी पैड और चलाएंगे चावल की मिल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जिन हाथों को कभी हथियार चलाना सिखाया गया था आज वही हाथ असम के उदलगुरी जिले में सैनिटरी पैड बनाना सीख रहे हैं।
गुवाहाटी, 16 दिसंबर जिन हाथों को कभी हथियार चलाना सिखाया गया था आज वही हाथ असम के उदलगुरी जिले में सैनिटरी पैड बनाना सीख रहे हैं।
किसी समय में आतंक फैलाने वाली उग्रवादी महिलाएं आज बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) प्रशासन की छत्रछाया में सैनिटरी नैपकिन बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। इन नैपकिन की व्यवसायिक उत्पादन इकाई जल्द ही शुरू होने वाली है।
बीटीआर के मुख्य कार्यकारी सदस्य प्रमोद बोरो ने शनिवार को कहा, ''पूर्व उग्रवादियों का पुनर्वास बहुत ही जरूरी है। हमने उनकी रूचि और विशेषज्ञता का पता लगाने का प्रयास किया और उसके मुताबिक उन्हें प्रशिक्षण और दूसरे कामों में लगाया गया।''
उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा वित्तीय सहायता मुहैया कराने के अलावा बीटीआर उनके लिए रोजगार ढूंढने में भी मदद कर रहा है।
बीटीआर प्रमुख ने कहा, ''हमने कई प्रमुख कार्यक्रम शुरू किए हैं। उनमें से कुछ को मिलाकर सहकारी समितियां बनाई गई हैं और उन्हें आजीविका प्राप्त करने में मदद कर रही हैं।''
इस कार्यक्रम का नाम 'मिशन ब्लूम अगेन' रखा गया है।
बोरो ने कहा, ''चावल की मिल से लेकर सैनिटरी पैड बनाने वाली इकाईयां, विभिन्न सहकारी समितियां इसके अंतर्गत आ रही हैं।''
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)