जरुरी जानकारी | एशियाई बुनियादी ढांचा निवेश बैंक को वैश्विक ढांचागत परियोजनाओं को और बढ़ावा दे: चीन राष्ट्रपति
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मंगलवार को कहा कि एशियाई बुनियादी ढांचा निवेश बैंक (एआईआईबी) के सदस्यों की संख्या 57 से बढ़कर 102 होने के साथ संस्थान को दुनिया भर में ढांचागत क्षेत्र के विकास को और गति देनी चाहिए। संस्थान के सदस्यों में सभी महाद्वीपों के सदस्य हैं।
बीजिंग, 28 जुलाई चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मंगलवार को कहा कि एशियाई बुनियादी ढांचा निवेश बैंक (एआईआईबी) के सदस्यों की संख्या 57 से बढ़कर 102 होने के साथ संस्थान को दुनिया भर में ढांचागत क्षेत्र के विकास को और गति देनी चाहिए। संस्थान के सदस्यों में सभी महाद्वीपों के सदस्य हैं।
बीजिंग स्थित एआईआईबी की शुरूआत 2016 में हुई। यह बहुपक्षीय विकास बैंक है जिसका मकसद एशिया प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी ढांचा निर्माण में मदद करना है।
इस संस्थान में चीन के पास सर्वाधिक 26.06 प्रतिशत मतदान अधिकार है। भारत 7.5 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं रूस के पास 5.93 प्रतिशत और जर्मनी के पास 4.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
शी ने संस्थान की सालाना बैठक के अवसर पर अपने संबोधन में कहा, ‘‘सभी के विकास का लक्ष्य लेकर चलें और एआईआईबी को नये प्रकार के बहुपक्षीय विकास बैंक बनाये जो दुनिया भर में विकास को बढ़ावा दे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘...बुनियादी ढांचा संपर्क एक महत्वपूर्ण भौतिक आधार के रूप में काम करता है। एआईआईबी को अपने सभी सदस्य देशों की विकास जरूरतों को पूरा करने को लेकर प्रतिबद्धता जतानी चाहिए और परंपरागत तथा नये प्रकार के बुनियादी ढांचा के लिये उच्च गुणवत्ता के, कम लागत वाला तथा टिकाऊ निवेश उपलब्ध कराना चाहिए। इससे एशिया और उसके बाहर आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।’’
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘... संस्थान के 57 संस्थापक सदस्य देशों से संख्या आज बढ़कर 102 हो गयी है। ये देश छह महादेशों...एशिया, यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमरिका और ओशिनिया...से हैं। एआईआईबी की क्षमता दिन-ब-दिन बढ़ी है और अपने सदस्य देशों को ढांचागत क्षेत्र में निवेश के लिये करीब 20 अरब डॉलर दिया है।’’
एक बयान के अनुसार एआईआईबी द्वारा भारत के लिये मंजूर कुल कर्ज 3.06 अरब डॉलर है।
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