देश की खबरें | भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप में पुलिस के समक्ष पेश हुए अर्णब गोस्वामी
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मुंबई, 10 जून रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी कथित भड़काऊ टिप्पणी से जुड़े एक मामले में तलब किये जाने पर बुधवार को मुंबई पुलिस के समक्ष पेश हुए।

गोस्वामी दोपहर करीब दो बजे एन. एम. जोशी मार्ग पुलिस थाना पहुंचे और वह पुलिस अधिकारियों द्वारा पूछताछ किये जाने का इंतजार करते नजर आये। पुलिस अधिकारियों ने पहले रिपब्लिक टीवी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) एस. सुंदरम से पूछताछ की।

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उल्लेखनीय है कि बंबई उच्च न्यायालय ने मामले में पुलिस के समक्ष पेश होने से गोस्वामी को छूट देने से मंगलवार को इनकार कर दिया था और उनसे बुधवार को पुलिस के समक्ष पेश होने के लिए कहा था।

नागपुर और मुंबई में गोस्वामी के खिलाफ दो प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं, जिनमें उन पर लॉकडाउन के दौरान बांद्रा रेलवे टर्मिनस के बाहर बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों के एकत्र होने के बारे में एक समाचार कार्यक्रम में भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप हैं।

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पुलिस ने गोस्वामी के खिलाफ दर्ज एक शिकायत के सिलिसले में पूछताछ को लेकर उन्हें तलब किया था। 29 अप्रैल को प्रसारित अपने टीवी कार्यक्रम के जरिये कथित तौर पर साम्प्रदायिक अशांति पैदा करने को लेकर उनके खिलाफ यह शिकायत दर्ज कराई गई थी।

अदालत ने उन्हें पायधुनी के बजाय एन एम मार्ग पुलिस थाने में पेश होने की इजाजत दी थी। दरअसल, कोरोना वायरस संक्रमण के अत्यधिक मामले सामने आने के कारण पायधुनी को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है।

थाने के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए गोस्वामी ने आरोप लगाया उनके खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध से और मीडिया से जुड़े कार्यों में जानबूझ कर व्यवधान डालने के लिये यह कार्रवाई की जा रही है।

गोस्वामी ने कहा, ‘‘मैं एन एम जोशी मार्ग पुलिस थाने पर हूं। मेरे सीएफओ से छह घंटे से पूछताछ हो रही है और मैं अपनी बारी के लिये तीन घंटे से इंतजार कर रहा हूं। यह स्पष्ट रूप से और खुल्लमखुल्ला राजनीतिक प्रतिशोध है। वाड्रा कांग्रेस धड़ल्ले से मुंबई पुलिस का दुरूपयोग कर रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पालघर और बांद्रा प्रवासियों के प्रदर्शन की कवरेज के लिये मैं हमेशा खड़ा हूं। नये भारत में न्यू मीडिया मजबूत हो रहा है। यह लुटियंस ब्रिगेड के आत्मावलोकन करने का वक्त है।’’

यह पूछे जाने पर कि चैनल के सीएफओ को पूछताछ के लिये क्यों बुलाया गया, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने संकेत दिया कि यह चैनल के कामकाज की प्रक्रिया को समझने का हिस्सा हो सकता है।

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