नयी दिल्ली, 25 अप्रैल राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने मंलगवार को कहा कि वह यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की याचिका पर सुनवाई करेगा। याचिका में कर्ज में फंसी जेपी इन्फ्राटेक के अधिग्रहण के लिये सुरक्षा समूह की बोली को मंजूरी देने के एनसीएलटी के आदेश को चुनौती दी गयी है।
हालांकि, अपीलीय न्यायाधिकरण ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के सात मार्च को पारित आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और कहा कि मामले में जल्द फैसले की जरूरत है।
अपीलीय न्यायाधिकरण ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की किसानों को अधिक मुआवजा को लेकर दायर अपील स्वीकार करते हुए सुरक्षा समूह को नोटिस जारी किया। साथ ही समाधान योजना को लागू करने के लिये गठित निगरानी समिति को भी नोटिस दिया गया है।
चेयरमैन न्यायाधीश अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि एनसीएलटी के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर जल्द फैसले की जरूरत है।
अपीलीय न्यायाधिकरण ने इस बात पर गौर किया कि एनसीएलटी ने सात मार्च, 2023 के अपने आदेश में 10 लाख रुपये की राशि आवंटित कर किसानों को अतिरिक्त मुआवजे के दावे को वस्तुत: खारिज कर दिया। हालांकि, प्रतिवादियों (सुरक्षा समूह और निगरानी समिति) के अनुसार यह वह राशि है, जिसका अपीलकर्ता हकदार है।
पीठ ने कहा कि इस अपील पर सुनवाई करने का पर्याप्त आधार है।
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