जरुरी जानकारी | नीरव मोदी मामले में अपीलीय मंच ने पूर्व बैंक अधिकारी के विरूद्ध आदेश निरस्त किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएसटी) ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हीरा कारोबारी नीरव मोदी से जुड़े कर्ज के विशाल घोटाले में बैंक के एक पूर्व कार्यकारी निदेशक के खिलाफ मुकदमा चलाने के आदेश को खारिज कर दिया है।
नयी दिल्ली, 18 अगस्त राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएसटी) ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हीरा कारोबारी नीरव मोदी से जुड़े कर्ज के विशाल घोटाले में बैंक के एक पूर्व कार्यकारी निदेशक के खिलाफ मुकदमा चलाने के आदेश को खारिज कर दिया है।
नीरव मोदी और उसकी फर्मों के खिलाफ बैंक के साथ 14,000 करोड़ रुपये के कर्ज की धोखाधड़ी के आरोप में कानूनी कार्रवाई चल रही है।
कार्पोरेट मामलों के मंत्रालय की एक अर्जी पर कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने जनवरी 2019, में पीएनबी के पूर्व कार्यकारी निदेशक केवी ब्रह्माजी राव सहित 19 लोगों पर मुकदमा चालने का आदेश दिया था। उसने उनकी सम्पत्तियां भी जब्त करने के आदेश दिए थे।
राव ने एनसीएल की मुंबई पीठ के इस आदेश के खिलाफ अपील की थी।
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एनसीएलएटी ने 17 अगस्त के अपने छह पृष्ठ के आदेश में टिप्पणी की कि उच्चतम न्यायालय इस मामले में पीएनबी की पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक उषा अनंतसुब्रमणियम की सम्पत्ति जब्त करने के एनसीएलटी के आदेश को फरवरी में खारिज कर चुका है।
अपीलीय न्यायाधिकरण ने इसी आधार पर राव को राहत देने का आदेश दिया।
एनसीएलएटी की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा, ‘‘ ऐसा व्यक्ति जो किन्ही दूसरे संगठनों का प्रमुख हो उसको मामले में फांसा नहीं जा सकता और उसकी संपत्ति को इस अधिनियम की धारा 337 व 339 के अंतर्गत कुर्क नहीं किया जा सकता।’’
अपीलीय मंच ने लिखा कि यह स्वीकार किया गया है कि अपीलकर्ता (राव) पीएनबी के दिल्ली मुख्यालय पर कार्यकारी निदेशक था, अर्थात दूसरे संगठन का कर्मचारी था। इसीलिए उसे उस याचिका में प्रतिवादी नहीं बनाया जा सकता जो.... नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ दायर की गयी थी।
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